

कुशीनगर, दुदही।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को नगर पंचायत दुदही स्थित सीताराम इंटरमीडिएट कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारियां की गई थीं, लेकिन उम्मीदों के विपरीत भीड़ न जुटने से आयोजन फीका पड़ गया। सांसद बाबू सिंह कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा, “मुलायम सिंह यादव सदैव गरीबों व किसानों के मसीहा रहें।”
आयोजकों ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम की सूचना पहले से दे दी थी, लेकिन प्रशासनिक सहयोग न मिलने और अनुमति प्रक्रिया में देरी के कारण प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की संख्या काफी कम रही, जिससे मंच खाली-खाली नजर आया। भीड़ की कमी पर आयोजकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “प्रशासन की उदासीनता ने श्रद्धांजलि सभा की गरिमा को कम कर दिया।”
कार्यक्रम में चिलचिलाती धूप ने भी लोगों को परेशान किया। उपस्थित लोगों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही बैठने का उचित इंतजाम। कई लोगों ने बताया कि वे श्रद्धांजलि देने आए थे, लेकिन स्थल पर अव्यवस्था देखकर निराश हो गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन और समाजवादी विचारधारा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “नेताजी ने हमेशा गरीब, किसान और नौजवानों की आवाज उठाई, उनका जीवन सादगी और संघर्ष का प्रतीक था।”
स्थानीय समाजवादी कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि आगामी दिनों में नेताजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी उनके योगदान को समझ सके।
हालांकि श्रद्धांजलि सभा शांतिपूर्वक संपन्न हुई, लेकिन लोगों में यह चर्चा आम रही कि यदि व्यवस्थाएं बेहतर होतीं और प्रचार-प्रसार सही समय पर किया जाता, तो कार्यक्रम में हजारों की भीड़ उमड़ सकती थी।
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