

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
पडरौना नगर में चोरी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। रामकोला रोड पर नव निर्मित जिला जेल के समीप स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय भटवलिया कंपोजिट में अज्ञात चोरों ने खिड़की-दरवाजों के चौखट और जंगला उखाड़ लिया। दुस्साहस इतना कि दूसरी खिड़की का चौखट निकालने के लिए दीवार की ईंटें तक उधेड़ दी गईं। सुबह जब शिक्षक और स्थानीय लोग पहुंचे, तो परिसर की हालत देख स्तब्ध रह गए।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि विद्यालय परिसर शाम ढलते ही शराबियों और अराजक तत्वों का अड्डा बन जाता है। गांजा-शराब सेवन, ताले तोड़ने और क्षति पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी रोकथाम के ठोस इंतजाम नज़र नहीं आते। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण पर चिंता जताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इसी क्रम में सुभाष चौक स्थित एक प्रतिष्ठित मिठाई दुकान में भी बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। चोर नकदी के साथ डीवीआर उठा ले गए, जिससे महत्वपूर्ण सीसीटीवी साक्ष्य भी गायब हो गए। व्यापारियों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि बाजार क्षेत्र में रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ाने के दावे ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।
घटनाओं के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों का दावा है कि “साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, दोषियों की पहचान कर शीघ्र खुलासा किया जाएगा।” वहीं, नगरवासियों का सवाल साफ है—जब स्कूल और व्यस्त बाजार सुरक्षित नहीं, तो सुरक्षा का भरोसा किस आधार पर?
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी त्वरित खुलासे, नियमित गश्त, और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है। पडरौना में बढ़ती चोरी की ये घटनाएं प्रशासन के लिए चेतावनी हैं कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस परिणाम चाहिए।
