
कुशीनगर। जिला स्वच्छता समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले में चल रहे स्वच्छता अभियान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन आंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कूड़ा निस्तारण और शौचालयों के रखरखाव की नियमित निगरानी की जाए।
डीएम तंवर ने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालयों, आंगनबाड़ियों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के बिना अभियान अधूरा है, इसलिए विभागीय अधिकारी ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाएं और लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें।
बैठक में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण, सत्यापन कार्य, सामुदायिक शौचालयों की प्रगति, रेट्रोफिटिंग कार्य, तथा सबसे कम व्यय करने वाले 10 ग्राम पंचायतों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इस दौरान सचिवों व ग्राम प्रधानों से भी सीधा फीडबैक लिया और कार्य में शिथिलता पर सख्त चेतावनी दी।
समीक्षा के दौरान क्रॉप सर्वे पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें डीएम ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी रविवार तक लक्ष्य पूरा किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में फीडबैक दर्ज कराए जाएं।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, परियोजना निदेशक पियूष, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, उप कृषि निदेशक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत उपस्थित रहे।
👉 जिलाधिकारी ने कहा — “स्वच्छता की दिशा में हर छोटा कदम बड़े बदलाव की शुरुआत है, इसे सभी मिलकर जनआंदोलन बनाएं।”


