



विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
खड्डा/कुशीनगर। छितौनी बाघ रेल पुल के समीप मां नारायणी तट पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मां नारायणी सामाजिक कुंभ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन को लेकर आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कार्यक्रम स्थल पर नगर पंचायत अध्यक्ष छितौनी अशोक निषाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में कुंभ की तैयारियों, कार्यक्रम की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और जनसहभागिता जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक निषाद ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मां नारायणी सामाजिक कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और लोककल्याण का महापर्व है। यह आयोजन पूरे क्षेत्र की पहचान बनेगा। उन्होंने स्वागत समिति से स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं और अतिथियों के स्वागत में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर हर व्यवस्था समय से पूर्ण होनी चाहिए।
बैठक में स्वागत समिति के सदस्यों ने अपने-अपने दायित्वों पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। आवास, भोजन, जलापूर्ति, चिकित्सा सुविधा, स्वयंसेवकों की तैनाती तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर ठोस निर्णय लिए गए। कुंभ संयोजक मनोज कुमार पांडेय ने स्वयंसेवकों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अवसर क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने का है। सभी कार्यकर्ता तन-मन-धन से जुटें, ताकि यह कुंभ भव्यता और अनुशासन का उदाहरण बने।
बैठक में संरक्षक पत्थलेश्वरनाथ महंत डॉक्टर सत्येंद्र गिरी महाराज, संरक्षक सदस्य हरिशंकर राय, कार्यक्रम प्रमुख प्रवीण गुंजन सहित राकेश निषाद, रमेश निषाद, सुनील यादव, अजय साहनी, महंत यादव, मनोज शर्मा, आलोक गुप्ता, मनीष चौहान, सुरेंद्र साहनी, जनार्दन भारती, मुलायम साहनी समेत बड़ी संख्या में आयोजन समिति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हालांकि, इतना बड़ा आयोजन केवल समिति के प्रयासों से ही नहीं, बल्कि प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से ही सफल हो सकता है। यह कुंभ हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, ऐसे में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय को पहले से ही मुस्तैद रहना होगा। सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं में जरा-सी चूक भी भारी पड़ सकती है। अब यह देखना होगा कि जिम्मेदार अफसर केवल फाइलों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में मैदान में उतरकर इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
मां नारायणी सामाजिक कुंभ क्षेत्र की पहचान और गौरव बने, इसके लिए समिति ने कमर कस ली है। अब बारी प्रशासन की है—कि वह इस जनआस्था के महापर्व को संपूर्ण सहयोग देकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करे। जनता की निगाहें टिकी हैं, इतिहास लिखा जा रहा है।

