
कुशीनगर जनपद के तमकुही क्षेत्र के राजपुर बाघ गांव में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने एक परिवार की जिंदगी को पूरी तरह बदल कर रख दिया। इस हादसे में गांव निवासी भाई निशांत जी का आशियाना पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे परिवार के सामने रहने और जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दुख और संवेदना का माहौल व्याप्त है।
इसी बीच समाजसेवा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जब जनसेवक अभिषेक मिश्रा ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सराहनीय पहल की। उन्होंने निशांत जी के घर के पुनर्निर्माण के लिए 6 सिल्लियां (सरिया), एक ट्राली डस्ट (बालू) और 5 बोरी सीमेंट का सहयोग प्रदान किया। यह मदद ऐसे समय में मिली है, जब पीड़ित परिवार को इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।
अभिषेक मिश्रा का यह कार्य न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि यह उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जो समाज को एकजुट रखती है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित कर दिया कि “मानवता की सेवा ही सच्ची जनसेवा है” कोई मात्र कथन नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
गांव के लोगों ने इस पहल की खुले दिल से सराहना की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आज के दौर में ऐसे लोग ही समाज की असली ताकत हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों के दुख में सहभागी बनते हैं। इस घटना के बाद अन्य ग्रामीणों में भी मदद की भावना जागृत हुई है और कई लोग आगे आकर सहयोग करने की इच्छा जता रहे हैं।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि विपत्ति के समय में यदि समाज एकजुट होकर खड़ा हो जाए, तो किसी भी पीड़ित को अकेला नहीं महसूस होना पड़ता। अभिषेक मिश्रा जैसे जनसेवकों की पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम है।
