


कुशीनगर। जनपद के दुदही स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर और असहज करने वाले प्रश्न खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक प्राइवेट एंबुलेंस को सीएचसी परिसर के अंदर आते-जाते स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो कथित तौर पर महर्षि शिवानंद हॉस्पिटल से जुड़ी बताई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह प्राइवेट एंबुलेंस सरकारी अस्पताल परिसर में प्रवेश कर रही है? क्या यह महज संयोग है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित ‘सेटिंग-गेम’ चल रहा है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी अब मरीजों के इलाज का केंद्र कम और निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का ‘ट्रांजिट पॉइंट’ ज्यादा बनता जा रहा है।
विडंबना यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। न कोई जांच के आदेश, न कोई कार्रवाई—यह चुप्पी खुद कई सवालों को जन्म दे रही है। क्या यह मान लिया जाए कि व्यवस्था के भीतर ही सब कुछ ‘मैनेज’ है? या फिर सच को दबाने की पुरानी परंपरा एक बार फिर दोहराई जा रही है?
अब निगाहें सीएचसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों पर टिकी हैं। यदि फुटेज की निष्पक्ष जांच होती है, तो यह साफ हो सकता है कि एंबुलेंस किसकी अनुमति से अंदर आई और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही। सूत्रों की मानें तो यदि जांच ईमानदारी से हुई, तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
हालांकि, अनुभव यही कहता है कि ऐसे मामलों में अक्सर फाइलें खुलती जरूर हैं, लेकिन बंद भी उतनी ही तेजी से हो जाती हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार भी सच्चाई कागजों में दफन हो जाएगी, या फिर प्रशासन कड़ा रुख अपनाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा? जनता जवाब चाहती है—और इस बार जवाब टालना आसान नहीं होगा।
