
26 नवंबर – विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने सोमवार को सूचित किया कि जनपद में नागरिक सुरक्षा कोर (Civil Defence Corps) के अवैतनिक स्वयंसेवकों/सदस्यों की नियुक्ति एवं तैनाती की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा अधिनियम 1968 के तहत गठित यह संगठन जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत-बचाव कार्य, हवाई हमलों की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा, प्रशिक्षण एवं अभ्यास कार्यक्रमों के संचालन, तथा शांति काल में नागरिकों की भलाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्वों को पूरा करता है।
एडीएम वैभव मिश्रा ने कहा कि कुशीनगर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण जिले में हर वर्ष बाढ़, दुर्घटनाएं, आगजनी जैसी अनेक चुनौतियाँ सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित, शिक्षित और समर्पित स्वयंसेवकों की बड़ी आवश्यकता है, जो बिना किसी स्वार्थ के संकट की घड़ी में प्रशासन का सहयोग कर सकें। इसी उद्देश्य से नागरिक सुरक्षा कोर में अवैतनिक सदस्यों की भर्ती की जा रही है।
आवश्यक योग्यता और शर्तें
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 16 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पुरुष एवं महिला—दोनों बराबर रूप से पात्र हैं। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाई स्कूल उत्तीर्ण अनिवार्य रखी गई है। आवेदक भारतीय नागरिक हो, उत्तम चरित्र वाला हो तथा किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों से संबद्ध न हो—यह आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया शुरू, युवाओं में उत्साह
नागरिक सुरक्षा कोर में सदस्यता हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र कलेक्ट्रेट कुशीनगर स्थित नागरिक सुरक्षा अनुभाग से किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं।
पूरी तरह भरे हुए आवेदन पत्रों को 28 नवंबर 2025 को शाम 04:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उसी कार्यालय में जमा करना होगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय-सीमा के बाद प्राप्त या अधूरे आवेदन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवश्यक दस्तावेज
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
जन्म तिथि प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
नवीनतम दो पासपोर्ट साइज फोटो
जिले के युवाओं में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। युवाओं का कहना है कि यह अवसर न सिर्फ समाज सेवा का है बल्कि इससे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका भी मिलेगा।
नागरिक सुरक्षा कोर की यह पहल जिले में एक मजबूत और प्रशिक्षित आपातकालीन सहायता तंत्र तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशासन का मानना है कि अधिक से अधिक युवाओं के जुड़ने से कुशीनगर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रदेश में उदाहरण स्थापित कर सकेगा।
