

📰 विलेज फास्ट टाइम्स – कुशीनगर
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्टेयरिंग कमेटी की बैठक, पाक्सो एक्ट से जुड़े मामलों पर हुई गहन चर्चा
कुशीनगर।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की उपस्थिति में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के अंतर्गत जिला स्टेयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई तथा बालिका एवं महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) से संबंधित कुल 05 मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इनमें से 02 मामलों में क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया, जबकि 03 मामलों को शासनादेश में निर्धारित मानकों के अनुपालन में अपात्र पाया गया। इसके अतिरिक्त 06 मामलों में एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पॉक्सो एक्ट के मामलों में पीड़िताओं की मेडिकल जांच में पूर्ण सहयोग किया जाए, ताकि पीड़ित बालिकाओं की वास्तविक स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित आर्थिक सहायता और आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा महिलाओं और बच्चों के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने की है, इसलिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें।
बैठक में मिशन वात्सल्य योजना, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, वन स्टॉप सेंटर, और बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में संचालित महिला सुरक्षा और बाल कल्याण योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरंतर मूल्यांकन किया जाए, ताकि लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी और कहा कि ऐसे मामलों में मानवता सर्वोपरि है।
बैठक में डीप्टी सीएमओ, वरिष्ठ कोषाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, जिला प्रवेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बाल कल्याण समिति के सदस्य, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन, हब फॉर एम्पावरमेंट वूमेन, राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई, एवं संरक्षण अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा, न्यायिक सहायता और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की प्रभावशीलता को मजबूत करना रहा।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा — “महिला और बाल सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निभाएं।”



