
24 दिसंबर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
जनपद कुशीनगर में जन-सुनवाई और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सम्पूर्ण समाधान दिवस / तहसील दिवस का विस्तृत रोस्टर जनवरी 2026 से जून 2026 तक के लिए जारी कर दिया है।
यह रोस्टर न सिर्फ़ जनता की समस्याओं को सीधे अफ़सरों के दरवाज़े तक लाने का माध्यम बनेगा, बल्कि अधिकारियों की हाजिरी, ज़िम्मेदारी और जवाबदेही भी तय करेगा। हर माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसीलों में जन सुनवाई होगी और शिकायतों का तत्काल समाधान प्राथमिकता रहेगा।
⭐ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में — जनता से सीधी सुनवाई
03 जनवरी—कसया | 17 जनवरी—पडरौना | 07 फ़रवरी—हाटा | 21 फ़रवरी—तमकुहीराज |
07 मार्च—खड्डा | 21 मार्च—कप्तानगंज | 04 अप्रैल—कसया | 18 अप्रैल—पडरौना |
02 मई—हाटा | 16 मई—तमकुहीराज | 06 जून—खड्डा | 20 जून—कप्तानगंज
🏛 मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में — विकास कार्यों की शिकायतें होंगी केंद्र में
03 जनवरी—कप्तानगंज | 17 जनवरी—खड्डा | 07 फ़रवरी—तमकुहीराज | 21 फ़रवरी—हाटा |
07 मार्च—पडरौना | 21 मार्च—कसया | 04 अप्रैल—कप्तानगंज | 18 अप्रैल—खड्डा |
02 मई—तमकुहीराज | 16 मई—हाटा | 06 जून—पडरौना | 20 जून—कसया
⚖ अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) — प्रशासनिक शिकायतों पर सीधी नज़र
03 जनवरी—खड्डा | 17 जनवरी—तमकुहीराज | 07 फ़रवरी—कप्तानगंज | 21 फ़रवरी—कसया |
07 मार्च—हाटा | 21 मार्च—पडरौना | 04 अप्रैल—खड्डा | 18 अप्रैल—तमकुहीराज |
02 मई—कप्तानगंज | 16 मई—कसया | 06 जून—हाटा | 20 जून—पडरौना
⚖ अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) — न्याय से जुड़ी शिकायतें होंगी प्राथमिकता
03 जनवरी—पडरौना | 17 जनवरी—हाटा | 07 फ़रवरी—कसया | 21 फ़रवरी—तमकुहीराज |
07 मार्च—तमकुहीराज | 21 मार्च—खड्डा | 04 अप्रैल—पडरौना | 18 अप्रैल—हाटा |
02 मई—कसया | 16 मई—कप्तानगंज | 06 जून—तमकुहीराज | 20 जून—खड्डा
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा—
“निर्धारित तारीख़ को यदि सार्वजनिक अवकाश पड़ता है तो तहसील दिवस अगले कार्यदिवस में अनिवार्य रूप से आयोजित होगा। अधिकारी समय से पहुंचें, जनता की शिकायतें सुनें और निस्तारण में टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी!”
रोस्टर जारी होते ही साफ़ संकेत—जनता की समस्याएँ अब फाइलों में नहीं दबेंगी, बल्कि निस्तारण की मेज़ तक पहुंचेंगी।
अब देखना यह है कि अफ़सर समय से पहुंचते हैं… या जनता फिर सवाल उठाएगी!
