
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
तमकुहीराज तहसील में प्रशासनिक अनुशासन को सख्त करने की दिशा में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आकांक्षा मिश्रा ने बड़ा कदम उठाया है। शासन के निर्देशों के बावजूद लंबित राजस्व मामलों की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत न करने पर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित राजस्व निरीक्षकों का जनवरी माह का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमकुहीराज तहसील में विभिन्न राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों ने लापरवाही बरती। शासन की योजनाओं और राजस्व कार्यों की प्रगति पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा था, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे थे बल्कि जनता को भी समय पर राहत नहीं मिल पा रही थी।
एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही वेतन बहाली पर विचार किया जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है। रिपोर्ट उपलब्ध न कराने से न केवल कार्यों में शिथिलता आती है, बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में भी यदि इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रशासनिक कदम को तहसील व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आमजन और अधिवक्ताओं के बीच भी इस कार्रवाई की सराहना हो रही है, क्योंकि इससे यह संदेश गया है कि अब काम में ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। एसडीएम की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और शासन की योजनाएं जमीन पर प्रभावी ढंग से उतर

