




31 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री संजीव कुमार त्यागी के आदेशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के तत्वावधान में आज दिनांक 31 जनवरी 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर श्री प्रभात सिंह एवं प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, कुशीनगर श्री शान्तनु तंवर द्वारा राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), गोरखपुर का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य किशोर अपचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा शासन एवं उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किशोर अपचारियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन, शिक्षा, मानसिक स्थिति एवं सम्प्रेक्षण गृह में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। किशोरों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षा एवं कौशल विकास ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। जिन किशोर अपचारियों ने तकनीकी शिक्षा एवं हुनर आधारित प्रशिक्षण में रुचि दिखाई, उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए तकनीकी शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
निरीक्षण के क्रम में भोजनालय का गहन निरीक्षण किया गया। किशोर अपचारियों द्वारा बताया गया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाता है। अधिकारियों ने यह निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक, सुपाच्य एवं संतुलित आहार नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए। विशेष रूप से भोजन में हरी सब्जियों की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। स्वच्छ भारत अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए परिसर में साफ-सफाई एवं व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सहायक अधीक्षक श्री अजीत यादव द्वारा अवगत कराया गया कि दवाओं की निरंतर कमी बनी रहती है, जिसके संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्राचार किया गया है, किंतु अब तक दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस पर अधिकारियों ने गंभीर रुख अपनाते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के संकेत दिए।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में निवासरत किशोर अपचारियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ऐसी विश्वसनीय एवं अनुभवी एनजीओ का चयन किया जाए, जिनके माध्यम से किशोरों को प्रशिक्षण, रोजगार एवं पुनर्वास की सुविधा प्रदान कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। साथ ही माननीय चेयरमैन, उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति द्वारा जारी समस्त दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के समय संजय कुमार नायक (क्राफ्ट प्रशिक्षक), शिवशंकर लाल (केयर टेकर), अरविन्द यादव (केयर टेकर), हेमन्त कुमार मौर्या (काउंसलर – आउटसोर्सिंग), श्री विजय कुमार (काउंसलर – आउटसोर्सिंग), आशीष निषाद (स्टोरकीपर – आउटसोर्सिंग), दीपक जायसवाल (स्टोरकीपर – आउटसोर्सिंग) सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि किशोर अपचारियों के अधिकारों, सुरक्षा एवं पुनर्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
