



26 फरवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
न्यायिक पारदर्शिता और कारागार व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर प्रभात सिंह ने आज 26.02.2026 को जिला कारागार देवरिया का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुशीनगर जनपद से सम्बन्धित कुल 828 बन्दी निरुद्ध पाए गए, जिनमें 89 सिद्धदोष, 726 विचाराधीन, 31 अल्पवयस्क, 05 राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के अन्तर्गत, 06 सिविल तथा 02 विदेशी बन्दी शामिल रहे। महिला बन्दियों के साथ 03 बच्चे निवासरत पाए जाने की पुष्टि भी हुई।
निरीक्षण के दौरान बैरकों, पाकशाला, चिकित्सालय एवं महिला बैरक का विस्तृत अवलोकन किया गया। बन्दियों के भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा विधिक सहायता की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देते हुए जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जेल मैनुअल के अनुरूप सभी सुविधाएं समयबद्ध और मानक गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। सचिव ने व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई पर कठोर प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के संकेत दिए।
बन्दियों से प्रत्यक्ष संवाद में उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई। अधिकांश बन्दियों ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया, वहीं जिन बन्दियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया। विचाराधीन बन्दियों के प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए रिहाई के पात्र बन्दियों के मामलों में आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ कराई गई।
कारागार स्थित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया। वहां कार्यरत पीएलवी (Para Legal Volunteers) को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को समय से विधिक सहायता मिले और यदि किसी बन्दी को निःशुल्क अधिवक्ता, जेल अपील या अन्य कानूनी सहायता की आवश्यकता हो, तो उनके प्रार्थना-पत्र विधिवत तैयार कर जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर को प्रेषित किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक आशीष रंजन, कारापाल राजकुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल त्रिपाठी एवं डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा सहित उप कारापाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के उपरांत सचिव ने कहा कि मानवाधिकार, विधिक पहुंच और कारागार अनुशासन—तीनों पर समान रूप से सख्त निगरानी जारी रहेगी।
