
पुलिस ने 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 1.5 लाख रुपये नगद, 2 लैपटॉप, 19 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 13 फर्जी आधार कार्ड और 2 मोटरसाइकिल बरामद ।
पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री संतोष कुमार मिश्रा के निर्देशन में साइबर अपराधों के रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री निवेश कटियार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर श्री अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।इस अभियान के तहत साइबर सेल और साइबर क्राइम थाने की टीम ने एक अन्तर्राज्यीय साइबर संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता के लिए टीम की सराहना की है और कहा है कि साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में पुलिस की यह पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस अभियान में शामिल पुलिस टीम ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की यह पहल न केवल साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता के लिए भी सुरक्षा और विश्वास का संदेश है।
आज दिनांक 10 सितंबर 2025 को साइबर सेल और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस टीम ने 5 संगठित साइबर गिरोह के अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सूर्या कुमार चौधरी, संजू कुमार चौधरी, कलाम हुसैन, मोहम्मद हुसैन और अभिषेक गुप्ता शामिल हैं।इन अपराधियों के कब्जे से पुलिस ने साइबर फ्रॉड से अर्जित 1 लाख 5 सौ रुपये नगद, 19 अदद एन्ड्राइड स्मार्ट फोन, 2 अदद लैपटॉप, 14 अदद सिम कार्ड, 13 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड और अपराध में प्रयुक्त दो अदद मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में सूर्या कुमार चौधरी सरगना है, जो बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला है। संजू कुमार चौधरी भी बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है और इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है। कलाम हुसैन और मोहम्मद हुसैन कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं और सीएसपी संचालक हैं। अभिषेक गुप्ता महाराजगंज जिले का रहने वाला है।
पुलिस ने इन अपराधियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर पंजीकृत अभियोग में धाराओं की बढ़ोतरी की गई है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस सफलता के लिए पुलिस टीम की सराहना की जा रही है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता के लिए भी सुरक्षा और विश्वास का संदेश है।
पूछताछ में पता चला कि यह अन्तर्राज्यीय साइबर संगठित गिरोह है, जो कुशीनगर में भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे सब्जी मंडी और व्यस्त बाजारों में भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता है। ये लोग मोबाइल फोन चुराकर फरार हो जाते थे और फिर दो तरह से पैसे निकालते थे।बिना लॉक वाले मोबाइल के लिए
चोरी किए गए मोबाइल में स्क्रीन लॉक नहीं होने पर गैंग माई आधार ऐप का उपयोग कर मोबाइल धारक के सिम नंबर से आधार नंबर प्राप्त करता है। इसके बाद आधार और मोबाइल नंबर के जरिए यूपीआई पिन रीसेट किया जाता है। फिर अपराधी आधार कार्ड में फोटो बदलकर अपना फोटो लगाते हैं और ग्राहक सेवा केंद्र या जनसेवा केंद्र पर जाकर संचालकों को मोटा कमीशन देकर स्कैनर के माध्यम से पीड़ित के खाते से हजारों रुपये निकाल लेते हैं।लॉक वाले मोबाइल के लिए
यदि मोबाइल में स्क्रीन लॉक होता है, तो सिम कार्ड निकालकर पहले से चुराए गए अन्य मोबाइल में लगाया जाता है। इसके बाद प्ले स्टोर से यूपीआई ऐप (जैसे फोनपे, गूगल पे) डाउनलोड कर उपरोक्त प्रक्रिया के तहत पैसे निकाले जाते हैं।इस तरह, यह गिरोह चोरी किए गए मोबाइल फोन से पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था। पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है, जिसमें और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
दो पंजीकृत अभियोगों का विवरण
1. मु0अ0स0 04/2025 धारा 303(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जिसमें बाद में और धाराएं बढ़ाई गईं।
2. मु0अ0सं0 389/2025 धारा 303(2)/318(2) बीएनएस व 66सी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जिसमें बाद में और धाराएं बढ़ाई गईं। दोनों मामले साइबर क्राइम से जुड़े हैं और जनपद कुशीनगर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
मु0अ0सं0 008/2025 में धारा 303(2) बीएनएस व 66डी आईटी के तहत मामला दर्ज है। बाद में धारा 111(2)(B), 317, 318(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व 66सी आईटी एक्ट बढ़ाई गई। यह मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में सूर्या कुमार चौधरी (सरगना), संजू कुमार चौधरी (सक्रिय सदस्य), कलाम हुसैन (CSC संचालक), मोहम्मद हुसैन (CSC संचालक) और अभिषेक गुप्ता (CSC संचालक) शामिल हैं। ये अभियुक्त बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हैं। पुलिस ने इनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी, स्मार्टफोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद किए हैं। ये अभियुक्त साइबर अपराध में शामिल थे और CSC संचालन के माध्यम से अपराध को अंजाम देते थे। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
बरामदगी का विवरण: कुल अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये। बरामद सामान में 1,00,500 रुपये नगद, 19 एन्ड्राइड स्मार्ट फोन, 13 फर्जी आधार कार्ड, 2 लैपटाप, 1 एटीएम कार्ड, 14 सिम कार्ड और 2 मोटरसाइकिल शामिल हैं। इनमें से कुछ सामान चोरी के हैं और कुछ अपराध में प्रयुक्त हुए थे।
साइबर सेल और साइबर क्राइम थाने की टीम ने सफलतापूर्वक बरामदगी/गिरफ्तारी की। टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पन्त और राजेश कुमार के नेतृत्व में निरीक्षक मनमोहन मिश्रा, उ0नि0 बादल यादव, हे0का0 विजय चौधरी और अन्य पुलिसकर्मी जैसे अखिलेश कुमार गुप्ता, प्रशान्त कुमार मिश्रा, अमित कुमार गुप्ता, सूरज सरोज और शाकिब शामिल थे। सभी ने मिलकर उत्कृष्ट कार्य किया और अपराध पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की जानी चाहिए।

