
28 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
राज्य की सुरक्षा ढांचे को नई धार—मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में वरिष्ठ पुलिस सम्मेलन–2025, जनपद कुशीनगर से डीएम-एसपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की दमदार उपस्थिति
राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक अभेद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वरिष्ठ पुलिस सम्मेलन–2025 का आयोजन किया गया। जनपद कुशीनगर से जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए अपनी प्रतिबद्धता पर मुहर लगाई।
सम्मेलन का मूल उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की वर्तमान रणनीतियों का मूल्यांकन एवं समसामयिक चुनौतियों के अनुरूप नई नीति-व्यवस्था को तैयार करना रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया—“प्रत्येक चुनौती अवसर है, यदि तैयारी पुख्ता हो।”
सम्मेलन के दौरान आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, विशाल जनसमूह प्रबंधन तथा सोशल मीडिया की उभरती चुनौतियाँ चर्चा के केंद्र में रहीं। बताया गया कि आपदा की किसी भी घड़ी में ‘गोल्डन आवर्स रिस्पॉन्स’ निर्णायक होता है, इसलिए सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, तथा मीठी-तेज़ दोनों रणनीतियों के संतुलन से ही जन-जीवन की रक्षा संभव है।
सिविल डिफेंस को जन-सहभागिता के साथ और अधिक मजबूत बनाने की रूपरेखा पर भी विचार हुआ। यह स्पष्ट किया गया कि जब आम नागरिक और सुरक्षा तंत्र कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तब आपात स्थितियाँ भी कंट्रोल रूम नहीं, बल्कि ‘कमान्ड रूम’ की तरह संचालित होती हैं।
भीड़ प्रबंधन और विशाल आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सम्मेलन का सबसे चर्चित बिंदु रहा। ड्रोन निगरानी, स्मार्ट बैरियर, इंटिग्रेटेड ट्रैफिक कंट्रोल और क्विक रिस्पॉन्स टीमों के प्रो-एक्टिव तैनाती मॉडल को जनपद स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाएँ, अफवाहें और साइबर धोखाधड़ी को “डिजिटल अपराध का नया फ्रंट” बताते हुए लगातार निगरानी, तत्पर प्रतिक्रिया और तीव्र कार्रवाई की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
सम्मेलन के निष्कर्षों को राज्य की सुरक्षा और जनसुरक्षा के लिए नए रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त दिशा-निर्देशों को जनपद स्तर पर क्रियान्वित करने हेतु संबंधित विभागों को तत्काल अवगत करा दिया गया है, ताकि कुशीनगर की सुरक्षा—शब्दों में नहीं, ज़मीन पर दिखे।
(विलेज फास्ट टाइम्स—समाचार जो असर छोड़े!)
