
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
विशेष रिपोर्ट –
शिकायतकर्ता की आवाज़ को ‘गोल-गोल’ घुमा ले गया प्रशासन, ग्रामीणों में नाराज़गी चरम पर**
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा चिरईहवा स्थित प्राथमिक विद्यालय राम हरख टोला की बाउंड्री वाल और मुख्य गेट निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार की शिकायत 16 अक्टूबर को बीडीओ विशुनपुरा को लिखित आवेदन देकर की गई थी। लेकिन शिकायत का परिणाम क्या हुआ—इसका जवाब तलाशते-तलाशते ग्रामीणों के सब्र का बाँध टूटने लगा है।
मंगलवार को शिकायत की जांच के लिए पंचायत सचिव और उनके साथ आए एक अधिकारी मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अधिकारी तथ्यों के साथ स्पष्ट जवाब देंगे, लेकिन जो हुआ वह ग्रामीणों के मुताबिक प्रशासन की “गोल-गोल घुमाने वाली पुरानी नीति” जैसा ही रहा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जांच टीम ने न तो निर्माण की गुणवत्ता पर कोई ठोस स्पष्टीकरण दिया और न ही शिकायतकर्ता को संतोषजनक बिंदु बताए। हालात तब गरमा गए जब पंचायत सचिव की शब्दावली और कार्यशैली से शिकायतकर्ता भड़क गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी, जिसे देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीण भी आक्रोशित हो उठे।
स्थिति बिगड़ते देख पंचायत सचिव allegedly मौके से आराम से निकल लिए, जिससे ग्रामीणों की नाराज़गी और तेज हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुनेंगे और जांच को सिर्फ औपचारिकता मानकर चलेंगे, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ कौन सुनेगा?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की सटीक जांच, पारदर्शिता, और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्कूल की बाउंड्री वाल और गेट जैसे सार्वजनिक कार्य में यदि अनियमितताएँ सामने आती हैं, तो यह न सिर्फ वित्तीय भ्रष्टाचार है बल्कि बच्चों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।
ग्रामीणों की आवाज़ अब प्रशासन तक कितना पहुँचती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि चिरईहवा की जनता अब जवाब चाहती है — और इस बार स्पष्ट, न कि “गोल-गोल” बातें।
