
खड्डा/कुशीनगर। खड्डा थाना क्षेत्र के तुर्कहां गांव निवासी एक युवक ने थाने के तीन सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कुशीनगर से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उसे फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर 36 घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया, इस दौरान मारपीट की गई और पिता के सामने ही रकम वसूलने के बाद शांति भंग की कार्रवाई कर छोड़ दिया गया।
मुसाफिर पुत्र जहांगीर, निवासी तुर्कहां गांव ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा को दिए प्रार्थना पत्र में पूरी घटना का खुलासा किया। पीड़ित के अनुसार, 15 अगस्त को दोपहर करीब डेढ़ बजे एक सिपाही उसे घर से उठा लाया और थाने में बैठा दिया। वहां उसे धमकाया गया कि फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया जाएगा। इसी बीच उससे बार-बार एक लाख रुपये की मांग की गई।
युवक ने आरोप लगाया कि थाने में पिता और बड़े भाई वजीर को भी बुलाया गया और उनके सामने ही मारपीट की गई। पिता की गुहार और विरोध के बावजूद तीनों चर्चित सिपाहियों ने पीटना जारी रखा। आखिरकार परिवार ने ब्याज के पैसों का इंतजाम कर 50 हजार रुपये दिए, तब जाकर 36 घंटे बाद उसे और भाई को शांति भंग की कार्रवाई कर कोर्ट भेजा गया।
पीड़ित का कहना है कि यह पूरा प्रकरण पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। खासकर इसलिए कि 13 अगस्त को एक लड़की द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन जब उनसे धनराशि वसूली गई तो तुरंत शांति भंग में चालान कर दिया गया। वहीं जब मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा और तीनों सिपाहियों के नाम सामने आए, तो एक हफ्ते बाद आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी खड्डा उमेश चन्द्र भट्ट ने बताया कि प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं है। हालांकि पीड़ित की तहरीर पर देर शाम तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभागीय स्तर पर दोषियों पर कैसी कार्रवाई होती है।
