
24 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) कुशीनगर द्वारा गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3/4 के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सात शातिर अभियुक्तों को छह माह के लिए जिलाबदर कर जनपद सीमा से निष्कासित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों ने प्रशासन के इस सख्त रुख का स्वागत किया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन अभियुक्तों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है, वे लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, न्यायालय द्वारा जारी जमानतीय वारंट के बावजूद अभियुक्तों ने अदालत में उपस्थित होना आवश्यक नहीं समझा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे कानून और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे थे। लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इन तत्वों को चिन्हित करते हुए प्रशासन ने उन्हें गुण्डा घोषित किया और कठोर निर्णय लिया।
जिलाबदर किए गए अभियुक्तों में समीर खां उर्फ समीर खान उर्फ लड्डन (निवासी भुलिया अगरवा), भोला यादव (सिसवा अव्वल) और सूरज गुप्ता (सलेमगढ़ पठानी टोला), थाना तरयासुजान क्षेत्र के निवासी शामिल हैं, जिन्हें देवरिया जनपद की सीमा में भेजा गया है। वहीं थाना कोतवाली पडरौना क्षेत्र के सेराज उर्फ तिल्ली, अयाज, कलीम एवं सलीम को महराजगंज जनपद के लिए जिलाबदर किया गया है।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी अभियुक्त जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करता है या जनपद सीमा में प्रवेश करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारी और जेल भेजना शामिल होगा।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि कुशीनगर में अपराध, अराजकता और कानून तोड़ने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और लोक शांति भंग करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
