

05 फरवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर प्रभात सिंह द्वारा “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0” एवं दिनांक 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर को सफल बनाने हेतु जनपद स्तर पर व्यापक प्रशासनिक तैयारी के निर्देश दिए गए। इस क्रम में जनपद कुशीनगर की समस्त तहसीलों, थानों, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन एवं राजकीय संप्रेषण गृह गोरखपुर में तैनात पराविधिक स्वयंसेवकों (PLVs) को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सचिव प्रभात सिंह ने कहा कि यह मेगा शिविर माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्णायक मंच है।
उन्होंने बताया कि शिविर में वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, श्रमिक पेंशन, सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, विश्वकर्मा सम्मान योजना, किसानों से जुड़ी समस्त योजनाएं, दिव्यांगजन कल्याण योजनाएं सहित सभी विभागों की योजनाओं का समन्वित लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए पराविधिक स्वयंसेवकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं और पात्र लाभार्थियों को समय से शिविर में पहुंचने के लिए प्रेरित करें।
सचिव ने राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 को न्यायिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक वादकारियों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि मामलों का त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं कम खर्च में निस्तारण हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान न्यायालयों पर भार कम करने के साथ-साथ आम जनता को शीघ्र न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
बैठक में सचिव ने पराविधिक स्वयंसेवकों से अपेक्षा जताई कि वे प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनकर कार्य करें तथा इस मेगा शिविर को जनपद स्तर पर ऐतिहासिक सफलता दिलाएं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी।
