
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर–देवरिया
दिनांक – 06 दिसंबर 2025
देवरिया के विकास भवन के गांधी सभागार में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति ने देवरिया और कुशीनगर—दोनों जनपदों के उच्चाधिकारियों को आमने–सामने बैठाकर विभागीय योजनाओं, प्रगति रिपोर्ट और जनप्रतिनिधियों के आवेदनों के निस्तारण पर कड़ी पड़ताल की। पूरा सभागार प्रशासनिक हलचल से भरा रहा और समिति द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देने में अधिकारी पसीना पोंछते नजर आए।
बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति किरण पाल कश्यप ने की। बैठक की शुरुआत दोनों जनपदों के अधिकारियों के परिचय से हुई। इसके बाद देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल एवं कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा सभापति श्री कश्यप का पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर औपचारिक स्वागत किया गया। स्वागत के बाद माहौल गंभीर हुआ और समीक्षा का असली दौर शुरू हो गया।
समिति ने सरकार गठन के बाद से अब तक प्रदेश के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों पर विभागों की ओर से की गई कार्रवाई की विभागवार जांच की। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा, पंचायती राज, सिंचाई, बेसिक शिक्षा, चकबंदी, विद्युत, कृषि, पूर्ति, पशुपालन समेत लगभग सभी प्रमुख विभागों के लंबित व निस्तारित प्रकरणों पर बारीकी से चर्चा हुई।
कई विभागीय अधिकारियों को आवेदनों के निस्तारण में सुस्ती पर सचेत किया गया, तो कुछ को सराहना भी मिली, लेकिन समिति ने स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
सभापति कश्यप ने अधिकारियों को सख्त शब्दों में निर्देश दिया कि —
“जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्र केवल कागज़ों में न अटकें। प्रत्येक आवेदन का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना अनिवार्य है। इसकी जानकारी समय–समय पर माननीय सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए।”
उन्होंने यह भी चेताया कि अगली बैठक में सभी विभागों को वर्ष 2022 से 2025 तक प्राप्त पत्रों की अद्यतन जानकारी, निस्तारण की स्थिति, लंबित मामलों का विवरण और सदस्यों को की गई सूचना का पूरा रिकॉर्ड लेकर उपस्थित होना होगा।
“अपूर्ण तैयारी या आंकड़ों में लापरवाही मिली तो विभाग की जवाबदेही तय होगी,”—सभापति कश्यप ने दो-टूक कहा।
इस पर कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा और दोनों जनपदों में विभागीय कार्यों की गति और गुणवत्ता को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में समिति के सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अनु सचिव एवं समिति अधिकारी विनोद कुमार यादव, समीक्षा अधिकारी सौरभ दीक्षित, प्रतिवेदन अधिकारी राम प्रकाश पाल, अपर निजी सचिव अमितेश पाल सहित देवरिया व कुशीनगर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
लगभग पूरे दिन चली इस बैठक ने दोनों जिलों के प्रशासन के लिए मानो एक “परीक्षा” का काम किया, जिसमें हर विभाग को अपना रिपोर्ट कार्ड सामने रखना पड़ा। समिति की सख्त समीक्षा के बाद यह साफ हो गया कि आने वाले दिनों में दोनों जनपदों की प्रशासनिक व्यवस्था और तेज, और जवाबदेह बनने वाली है।
विलेज फास्ट टाइम्स की नज़र में –
यह समीक्षा बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दो जिलों के विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाला निर्णायक कदम साबित हो सकती है।




