

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
29 दिसम्बर, कलेक्ट्रेट सभागार से—
जनपद के विकास की धड़कनों को तेज करने वाली अति महत्वपूर्ण जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज पूरे दमखम और जवाबदेही के माहौल में सम्पन्न हुई। अध्यक्षता कर रहे कुशीनगर के मा० सांसद श्री विजय कुमार दुबे ने एक-एक योजना की नब्ज टटोलते हुए अधिकारियों से दो-टूक कहा— “अब कागज़ी प्रगति नहीं, धरातल पर दिखने वाले नतीजे चाहिए।”
बैठक में पडरौना, रामकोला, फाजिलनगर, खड्डा, हाटा और तमकुहीराज के विधायकों की उपस्थिति ने माहौल को और गंभीर, जवाबदेह व परिणाम-केंद्रित बना दिया। सचिव के रूप में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की मौजूदगी ने प्रशासनिक सख्ती और कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता को स्पष्ट संदेश दिया— “अधूरे कार्य इतिहास नहीं बदलते, पूरा हुआ काम विकास की पहचान गढ़ता है।”
पुरानी बैठक के निर्णयों की समीक्षा— “किसने क्या किया, कितना किया, और क्यों नहीं किया?”
बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक के निर्णयों की तल्ख समीक्षा से हुई। विभागों के अनुपालन रिपोर्ट की जाँच में सांसद ने तीखे शब्दों में कहा कि “लक्षित समय सीमा अब केवल तारीखों की औपचारिकता नहीं रहेगी, बल्कि विभागीय जवाबदेही का पैमाना बनेगी।”
विभागवार योजनाओं में कृषि, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा, पेंशन, ग्रामीण विकास, डिजिटल इंडिया, पीएम आवास, मनरेगा, पीएमजीएसवाई, गोकुल मिशन, मृदा स्वास्थ्य, पशुपालन, अन्नपूर्णा स्टोर, मिनी स्टेडियम परियोजना से लेकर धरती आबा योजना तक की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
सांसद की दो-टूक— “जल-जीवन मिशन और बिजली की कमियां अब बर्दाश्त नहीं”
जल जीवन मिशन की योजनाओं में ढिलाई पर सांसद ने स्पष्ट निर्देश जारी किए—
“जिले के हर वाटर टैंक की संचालित/असंचालित स्थिति की सूची तत्काल पेश की जाए, कारण भी बताए जाएं— बहाने नहीं।”
विद्युत विभाग को शिकायतों के निस्तारण, नए बिजली घरों के निर्माण तथा डिमांड लेटर की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
“बकाया दिक्कतें अब फाइलों में नहीं, मैदान में सुलझेंगी।”
सड़कें, रोजगार और पशुपालन— जनता की नब्ज पर सटी प्रहारक चर्चा
पीडब्ल्यूडी/एनएच को सख्त हिदायत— “सड़क किनारे के अतिक्रमण तुरंत हटें, सड़कें जनता का अधिकार हैं, कब्जा नहीं।”
डीसी मनरेगा को निर्देश— “मनरेगा अब कागज़ी रोजगार नहीं, ठोस आजीविका का माध्यम बने— अधिकाधिक लोगों को काम मिले।”
पशुपालन विभाग को चेतावनी— “शीत ऋतु में बीमार पशुओं की अनदेखी नहीं, सतत निगरानी और उपचार अनिवार्य।”
विधायकों के सवाल— प्रशासन के जवाब
मिट्टी खनन से खराब सड़कों पर पीडब्ल्यूडी को दुरुस्ती का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी चयन पर जिलाधिकारी ने “पारदर्शिता व प्राथमिकता” का भरोसा दिया
बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत पर डीएम ने “कड़ी जांच और दोषियों पर कार्रवाई” का वचन दिया
मतदाता सूची से नाम कटने पर चेतावनी— “पात्र का नाम नहीं कटेगा, गड़बड़ी करने वाले नहीं बचेंगे।”
सांसद की गर्जना— “कुशीनगर विकास की रफ्तार पकड़ चुका है”
सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा—
“कुशीनगर अब विकास के पथ पर धुआंधार गति से आगे बढ़ रहा है— सड़कें, कृषि विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज— ये उपलब्धियां नई पहचान हैं। पर असली पहचान तब होगी जब योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।”
उन्होंने अधिकारियों से तल्ख शब्दों में कहा— “बैठक में पूरी तैयारी और मैदान में पूरी जवाबदेही— यही विकास का मंत्र।”
समापन— “निर्देशों की अनुपालना अब विकल्प नहीं, दायित्व है”
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आश्वस्त किया—
“सांसद व जनप्रतिनिधियों के समस्त निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन होगा। जिला प्रशासन योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए पूरी मजबूती से खड़ा है।”
बैठक में जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य फुलबदन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख, तमाम जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे— और सबका संदेश एक— “जनपद बदलेगा, तभी जनता का विश्वास अमर रहेगा।”
✍️ रिपोर्ट — विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
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