

17 फरवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
आगामी पर्वों को लेकर जनपद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की उपस्थिति में आयोजित जनपद स्तरीय शांति समिति की बैठक में कानून-व्यवस्था, सौहार्द और संवेदनशीलता पर स्पष्ट, कड़े और प्रशासनिक तेवर देखने को मिले।
बैठक में जिलाधिकारी ने रमजान, होलिका दहन, होली, नवरात्रि और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “हर पर्व परम्परागत, शांतिपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में ही मनाया जाए।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले वर्षों के विवादों, विशेषकर दो समुदायों से जुड़े रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जाए। “जो तत्व बार-बार विवादों में शामिल रहे हैं, उन्हें उचित धाराओं में पाबंद किया जाए,” डीएम ने स्पष्ट कहा।
जिलाधिकारी ने होली के मद्देनज़र सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी पर जबरन रंग न लगाया जाए और शराब के नशे में अभद्रता कतई स्वीकार नहीं होगी। “पुरानी रंजिश के नाम पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी,” उन्होंने चेताया। होलिका दहन स्थलों से जुड़े संभावित विवादों के समाधान हेतु आपसी सहमति और संवाद पर जोर देते हुए डीएम ने निर्बाध जलापूर्ति, नमाज स्थलों पर साफ-सफाई और विभागीय तैयारियों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शोभायात्राओं के दौरान डीजे की ध्वनि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित डेसीबल सीमा के अनुरूप रखने की हिदायत देते हुए कहा गया कि नियमों से खिलवाड़ पर कार्रवाई तय है। परिवहन विभाग को भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में भारी व ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त चालान अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सोशल मीडिया पर अफवाहों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, “अफवाह फैलाने या प्रतिक्रिया से माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रहेगी।” उन्होंने आयोजक समितियों और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने, शरारती तत्वों की पहचान कर आवश्यकतानुसार पाबंदी सुनिश्चित करने तथा जुलूस/होलिका दहन को परम्परागत ढंग से संपन्न कराने पर बल दिया। साथ ही निर्देश दिया गया कि नमाज केवल निर्धारित स्थलों पर ही हो।
बैठक में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, पीस कमेटी सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने सुझाव दिए। प्रशासन का संदेश साफ रहा—त्योहार खुशी का अवसर हैं, लेकिन शांति और कानून सर्वोपरि।
