
18 दिसम्बर | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
कुशीनगर जनपद में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से सम्भागीय परिवहन अधिकारी, गोरखपुर द्वारा आज सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, कुशीनगर का सघन एवं औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में प्रशासनिक अनुशासन, कार्य संस्कृति एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की गहन समीक्षा की गई, जिससे विभागीय हलकों में हलचल और कर्मियों में सतर्कता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी मु0 अज़ीम ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण के समय समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित पाए गए, जो विभागीय अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचायक रहा। सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा वाहन पंजीयन, वाहन हस्तांतरण, ड्राइविंग लाइसेंस अनुभाग, रिकार्ड रूम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पटलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी अभिलेख एवं रिकार्ड सुव्यवस्थित और अद्यतन पाए गए, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया।
निरीक्षण के दौरान सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट एवं कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कार्यालयी फाइलों एवं अभिलेखों को और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं पारदर्शी ढंग से संधारित किया जाए। साथ ही कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, सुव्यवस्था एवं नागरिकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। वर्षों पुरानी एवं अनावश्यक पत्रावलियों की विधिवत वीडिंग कराए जाने के आदेश दिए गए, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन आधुनिक और प्रभावी बन सके।
निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने ड्राइविंग टेस्ट का भी मौके पर निरीक्षण किया तथा कार्यालय में उपस्थित आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, अनुभव एवं सुझाव सुने। इस दौरान आमजन से शालीन व्यवहार, समयबद्ध सेवा और भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व के मोर्चे पर भी अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जनपद के राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत प्राप्ति को शीघ्र ही 100 प्रतिशत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। 45 दिनों से अधिक समय से बकाये में निरुद्ध वाहनों को नियमानुसार नीलाम करने, लम्बित कर बकायेदारों को नोटिस प्रेषण के उपरांत आरसी जारी करने के आदेश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सीटबेल्ट, हेल्मेट, रॉन्ग साइड ड्राइविंग सहित अन्य यातायात अभियोगों में सघन प्रवर्तन कार्यवाही के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण न केवल विभागीय व्यवस्था को दुरुस्त करने वाला रहा, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दे गया कि कुशीनगर में परिवहन व्यवस्था अब लापरवाही नहीं, बल्कि सख्त प्रशासनिक निगरानी में संचालित होगी।



