

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 10 जनवरी
प्रभारी मंत्री की सख्त अध्यक्षता में विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा
“कागज़ी रिपोर्ट नहीं, ज़मीनी नतीजे चाहिए” – मंत्री का स्पष्ट संदेश
डीएम बोले – बैठक के हर निर्देश का होगा शत-प्रतिशत अनुपालन
जनपद कुशीनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जनपद के प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात, उत्तर प्रदेश श्री दिनेश प्रताप सिंह ने विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक का माहौल शुरुआत से ही सख्त और गंभीर रहा। मंत्री जी का साफ संदेश था— “फाइलों में विकास नहीं, जनता को दिखने वाला परिणाम चाहिए।”
बैठक में उद्यान, कृषि, सहकारिता, सड़क निर्माण, राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, उद्योग, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (शहरी/ग्रामीण), रियल टाइम खतौनी, मनरेगा, मंडी परिषद सहित लगभग सभी प्रमुख विभागों की प्रगति रिपोर्ट सामने रखी गई। लेकिन कई विभागों के जवाब मंत्री जी को संतोषजनक नहीं लगे।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान जब मंत्री जी ने पूछा कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत कितनी सड़कें अनुरक्षण अवधि में हैं और उनकी मरम्मत को लेकर क्या जनप्रतिनिधियों से कोई सूची मांगी गई है—तो संबंधित सहायक अभियंता ठोस उत्तर देने में असफल रहे। इस पर मंत्री जी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि पीएमजीएसवाई की सभी सड़कों की सूची तैयार कर प्रत्येक जनप्रतिनिधि को उपलब्ध कराई जाए और उनकी सहमति के बाद ही मरम्मत प्रस्ताव तैयार हों। साथ ही विगत पांच वर्षों में बनी पुरानी सड़कों की अलग सूची बनाकर मरम्मत हेतु जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से दिखाने के निर्देश दिए गए।
यह सवाल प्रशासन के उस रवैये पर सीधा प्रहार था, जिसमें योजनाएं फाइलों में चलती हैं और ज़मीन पर गड्ढे जस के तस रहते हैं।
मंत्री जी ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से संवाद अनिवार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के माननीय जनप्रतिनिधियों के संपर्क नंबर अपने पास रखें और नियमित संवाद बनाएं। जिलाधिकारी को भी इस विषय में अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
मनरेगा की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में कुल 1,83,931 जॉबकार्ड सक्रिय हैं, जिनमें से 1,27,793 को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मंत्री जी ने अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता व आमजन तहसील व थानों में आवेदन देते हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती। इस पर जिलाधिकारी को आदेश पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए ताकि अवैध कब्जों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।
मंडी विभाग की समीक्षा के दौरान नवीन सब्जी मंडी और पार्क का लोकार्पण एक साथ कराने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में आज के समाचार पत्रों का हवाला देते हुए मंत्री जी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा—
“निरीक्षण में डॉक्टर गैरहाजिर मिले तो सिर्फ एक दिन का वेतन काट देना समाधान नहीं है। ऐसे निष्क्रिय और लापरवाह कर्मचारियों पर तगड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
यह टिप्पणी उन सरकारी अस्पतालों की हकीकत को उजागर करती है, जहां डॉक्टरों की कुर्सियां अक्सर खाली और मरीजों की उम्मीदें अधूरी रह जाती हैं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जानकारी दी कि जनपद में मुसहर कॉलोनी के निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की व्यवस्था उनके स्तर से की जा रही है। इस पर मंत्री जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई देने को कहा। साथ ही मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस की कमियों को दूर करने के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च कर सभी कार्य पूर्ण कराए जाने की जानकारी भी दी गई।
बैठक के बाद जिलाधिकारी ने मंत्री जी को आश्वस्त किया कि आज दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कहा कि जनपद की सभी समस्याओं व शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने मंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देशानुसार सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी और पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित किया जाएगा।
बैठक में राज्यसभा सांसद कुंवर आर.पी.एन. सिंह, सांसद कुशीनगर विजय दुबे, विधायक हाटा मोहन वर्मा, विधायक कुशीनगर पी.एन. पाठक, विधायक खड्डा विवेकानंद पांडे, विधायक तमकुहीराज डॉ. असीम राय, विधायक रामकोला विनय प्रकाश गौंड, बीज विकास निगम उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, पडरौना चेयरमैन विनय जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विलेज फास्ट टाइम्स की प्रतिक्रिया
बैठक में शब्द कड़े थे, निर्देश स्पष्ट थे और तेवर सख्त। लेकिन कुशीनगर की जनता अब भाषण नहीं, बदलाव चाहती है। सड़कें अब भी गड्ढों से भरी हैं, अस्पतालों में डॉक्टर नदारद हैं, और गरीब आज भी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। सवाल यही है—क्या यह बैठक भी फाइलों में कैद होकर रह जाएगी या वास्तव में गांव-गरीब तक इसका असर पहुंचेगा?
मंत्री जी ने अफसरों को आईना दिखाया है। अब देखना यह है कि प्रशासन उस आईने में अपनी तस्वीर सुधारता है या हमेशा की तरह “रिपोर्ट ठीक है” लिखकर फाइल बंद कर देता है। कुशीनगर की जनता इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई देखना चाहती है।



