

कुशीनगर | सेवरही।
सेवरही रेलवे स्टेशन उस समय चर्चा के केंद्र में आ गया, जब पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम आशीष जैन ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने वर्षों से उपेक्षित जनसमस्याओं को कड़क और बेबाक अंदाज़ में डीआरएम के समक्ष रखा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व सभासद पप्पू जायसवाल के नेतृत्व में हुई इस वार्ता ने रेलवे प्रशासन को आईना दिखाने का काम किया।
सबसे गंभीर मुद्दा स्टेशन परिसर में पिछले छह वर्षों से बनकर तैयार लेकिन बंद पड़े शौचालय का रहा। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब शौचालय तैयार है तो यात्रियों को आज तक इसका लाभ क्यों नहीं मिल पाया। इस पर सुझाव दिया गया कि नाममात्र का शुल्क निर्धारित कर इसे नगर पंचायत को सौंप दिया जाए, ताकि तत्काल संचालन शुरू हो सके। डीआरएम आशीष जैन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि नगर पंचायत कार्यालय से एक औपचारिक मांग पत्र दे दिया जाए, 15 दिनों के भीतर शौचालय सौंपकर चालू करा दिया जाएगा। इस बयान से मौजूद लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी।
इसके साथ ही क्षेत्रीय रेल सुविधा को लेकर भी जोरदार मांग उठी। व्यापारियों ने कहा कि बड़ी लाइन के कारण टाटा से चलकर थावे तक आने वाली ट्रेन को कप्तानगंज तक विस्तारित किया जाए, जिससे सेवरही व आसपास के हजारों यात्रियों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके। यह मांग न केवल सुविधा बल्कि क्षेत्रीय विकास से भी जुड़ी बताई गई।
वहीं तमकुही रोड जंक्शन बनने के बाद अब वहां ओवरब्रिज (आरओबी) की मांग को लेकर भी आवाज बुलंद की गई। वक्ताओं ने कहा कि ओवरब्रिज के अभाव में रोज़ाना राहगीरों को जान जोखिम में डालकर पटरी पार करनी पड़ती है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
इस मौके पर अखिल भारतीय एकीकरण व्यापार मंडल के अध्यक्ष शुकदेव रौनियार, संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष छोटे लाल बर्मा, दवा संघ जिला अध्यक्ष पिंटू गुप्ता, सहित कई प्रमुख व्यापारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उठी ये मांगें अब सिर्फ मांग नहीं, बल्कि जनभावना का दबाव बन चुकी हैं। देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इन वादों को कितनी तेजी से धरातल पर उतारता है।
