
कुशीनगर तमकुहीराज तहसील परिसर में शुक्रवार को अधिवक्ताओं के आक्रोश और नारेबाजी से गूंज उठा। मामला एक वादकारी प्रकरण में नोटिस जारी करने को लेकर उठा विवाद है। जानकारी के अनुसार, तहसील में लंबित एक मामले में संबंधित पक्षकार को नोटिस जारी करने की मांग अधिवक्ताओं ने तहसीलदार से की थी। आरोप है कि तहसीलदार ने किसी कारणवश नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई।
इस घटनाक्रम के बाद अधिवक्ता लामबंद हो गए और तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायिक कार्य में बाधा डालना न केवल वादकारियों के अधिकारों का हनन है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मामले की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी (एसडीएम आकांक्षा मिश्रा) मौके पर पहुंची और अधिवक्ताओं से बातचीत की। उन्होंने मामले को शांत कराने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा तथा अधिवक्ताओं की समस्याओं पर सकारात्मक कार्यवाही होगी। एसडीएम की समझाइश के बाद अधिवक्ता कुछ हद तक शांत हुए और धरना समाप्त किया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की मांग पर अड़े रहे।
इस पूरे प्रकरण से तहसील परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आम वादकारी और कर्मचारी भी स्थिति को लेकर असमंजस में दिखे। फिलहाल एसडीएम ने जांच कर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है। अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस जारी करने में आनाकानी या मनमानी हुई तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
