
📰 विलेज फास्ट टाइम्स – कुशीनगर
राष्ट्रीय एकता दिवस — जिलाधिकारी ने दिलाई शपथ, कहा “एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति”
कुशीनगर। स्वतंत्र भारत के वास्तुकार और देश की एकता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को पूरे देश की तरह जनपद कुशीनगर में भी बड़े उत्साह और सम्मान के साथ “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में मनाई गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा, तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आरंभ सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई।
शपथ के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि “हम सबको भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सदैव समर्पित रहना चाहिए। सरदार पटेल ने जिस भारत का सपना देखा था, उस अखंड भारत को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी आज हम सबकी है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज का दिन न केवल श्रद्धा का, बल्कि संकल्प का भी दिन है — एक ऐसा संकल्प जो राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और अखंडता के लिए समर्पित हो।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अपने उद्बोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पटेल न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी थे, बल्कि भारत के एकीकरण के शिल्पकार भी थे। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद जब देश रियासतों में बँटा हुआ था, तब सरदार पटेल ने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राजनीतिक कुशलता से 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। यही कारण है कि उन्हें ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल का जीवन भारतीय प्रशासन, राजनीति और जनसेवा के लिए आदर्श है। उनके नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसी संस्थाओं का गठन हुआ, जो आज भी देश की एकता और अखंडता के प्रहरी हैं।
जिलाधिकारी ने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश फैलाएँ। उन्होंने कहा कि “एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है — और जब तक हम एकजुट रहेंगे, भारत को कोई चुनौती नहीं डिगा सकती।”
इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के समस्त सहायक कर्मचारी, जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सरदार पटेल के प्रेरणादायी विचारों को दोहराया गया —
“हमारी एकता हमारी ताकत है, और हमारी ताकत ही हमारा गौरव है।”





