
जनपद कुशीनगर के पड़रौना नगर पालिका परिषद में इन दिनों गहमागहमी तेज है। नगर पालिका के चेयरमैन और कार्यपालक अधिकारी (ईओ) पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाते हुए नगर पालिका के कई सभासदों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
पड़रौना नगर पालिका चेयमैन व ईओ के खिलाफ सभासदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन। साथ ही भ्रष्टाचार व सरकारी धन का बंदरबांट का भी लगाया आरोप। वहीं शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने का भी आरोप।
सभासदों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। योजनाओं का क्रियान्वयन कागजों पर दिखाया जा रहा है, जबकि जमीन पर न तो कोई कार्य हो रहा है और न ही पारदर्शिता अपनाई जा रही है। सभासदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और ईओ मिलीभगत कर बिना टेंडर प्रक्रिया और नियमों की अनदेखी करते हुए ठेकेदारों को फायदा पहुँचा रहे हैं।
सभासदों ने यह भी कहा कि जब वे इस मुद्दे को उठाते हैं और जानकारी माँगते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है। आरोप है कि शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज कराने तक की धमकी दी जाती है, जिससे जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है।
सभासदों ने डीएम से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन देने वाले सभासदों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर के विकास कार्य ठप हैं, सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और आम जनता गंदगी से त्रस्त है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपने निजी फायदे में व्यस्त है।


अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या वाकई नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार की परतें खुलेंगी या नहीं।
