
09 दिसम्बर | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर में वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के केंद्र निर्धारण को लेकर उठे सवालों और दर्जनों ऑनलाइन आपत्तियों के बीच अब माहौल बेहद गर्म हो गया है। जिलेभर के शैक्षिक संस्थानों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों द्वारा भेजी गई शिकायतों ने व्यवस्था की गंभीर खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली जनपदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक—जो पहले 9 दिसंबर को प्रस्तावित थी—अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई थी। अब यह बैठक 11 दिसंबर 2025 को पूर्वाह्न 12:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि इस बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मनमानी या मानकों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों द्वारा दर्ज ऑनलाइन आपत्तियों, शिकायतों और प्रार्थनापत्रों के आधार पर ही अंतिम रूप से केंद्र निर्धारण किया जाएगा, और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
डीआईओएस ने दो-टूक चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि—
“संबंधित सभी प्रधानाचार्य और प्रबंधक 11 दिसंबर को समय से उपस्थित रहें, अन्यथा आपकी आपत्तियाँ स्वतः निरस्त मानी जाएंगी। यह अंतिम अवसर है, इसलिए किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें।”
सूत्रों की मानें तो कई विद्यालयों ने मानक विहीन भवन, अपर्याप्त सुविधाओं और संदिग्ध पात्रता के बावजूद परीक्षा केंद्र की मांग दर्ज की है, जिससे समिति के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं कुछ संस्थानों का दावा है कि उन्हें जानबूझकर सूची से बाहर रखा जा रहा है। ऐसे में 11 दिसंबर की बैठक अब पूरे जिले की निगाहों का केंद्र बन गई है।
इस बैठक में प्राप्त सभी आपत्तियों का व्यापक परीक्षण किया जाएगा और जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति अंतिम रिपोर्ट तैयार कर परिषद कार्यालय को भेजेगी। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह बैठक बेहद निर्णायक मानी जा रही है।
अब सबकी नज़रें 11 दिसंबर की उस अहम बैठक पर टिकी हैं, जहाँ परीक्षा केंद्रों पर अंतिम मुहर लगेगी—और कई खुलासों के भी संकेत मिल रहे हैं।
