

कुशीनगर। जिले के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में संचालित जन औषधि केन्द्र पर सस्ते दामों पर दवा उपलब्ध कराने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां निर्धारित दरों की बजाय महंगी अंग्रेजी दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। जन औषधि योजना का मकसद गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को राहत देना था, लेकिन यहां मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी स्टॉक में मौजूद जेनेरिक दवाओं को गायब कर निजी कंपनियों की महंगी दवाएं मरीजों को थमाई जा रही हैं। इससे न केवल मरीज आर्थिक रूप से ठगे जा रहे हैं बल्कि योजना की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की है। अब सवाल उठता है कि आखिर इस खेल के पीछे कौन जिम्मेदार है — जन औषधि केन्द्र का प्रबंधन, सीएचसी प्रशासन या विभागीय निगरानी व्यवस्था की लापरवाही? स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी ने संदेह और गहरा दिया है। जनता जवाब चाहती है।
