
नहीं हो रही है विद्यालय में गंदगी की सफाई अधिकारी तमाशा वीन
दुदही कुशीनगर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं जिम्मेदार स्वच्छ भारत मिशन अभियान दुदही विकासखंड घ्क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान भारत में होने वाले सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में से एक है स्वच्छता को बढ़ावा देने और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयासों में गति लाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की और यह स्वच्छ भारत मिशन अभियान महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत बने कुशीनगर जनपद के दुदही विकासखंड घ्क्षेत्र में हाथी के सफेद दांत के दिखावे की तरह है विकासखंड दुदही के अधिकतर गांवों में जहां नालियां गंदगी से बाज बाज रही हैं वहीं सड़के के किनारे गंदगी का अंबार लगा हुआ है इतना ही नहीं परिषदीय विद्यालयों में वह विद्यालय के पास भी साफ सफाई नहीं की जा रही है क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गांव में नालियों की सफाई नहीं हुई है जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं ऐसे में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है स्कूलों में सफाई कर्मी झाड़ू करने या कूड़ा उठाने नहीं आते हैं।कुछ शिक्षकों का कहना है कि स्कूल परिसर की साफ सफाई वह पैसे देकर करवाते हैं इतना ही नहीं परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त किए जाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अधिकांश लोग आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं और गांव के चक मार्ग सड़क की शौचालय बने हुए हैं जबकि फाइलों में अधिकतर गांवों ओ डि एफ घोषित हो चुके हैं। फिर भी सड़कों के किनारे फैली गंदगी समझ से परे हैं जगह-जगह जल भराव से मच्छर पनप रहे हैं जिससे लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई जा रही है। पूर्वांचल में जहां इंसेफेलाइटिस के कहां से हजारों मासूम कॉल के गाल में समा गए हैं लेकिन इसके बाद भी साफ सफाई के प्रति जिम्मेदार संवेदनशील नहीं है जनपद के दुदही विकासखंड ध्क्षेत्र के ग्राम पंचायत साहपुर उचकी पट्टी प्राथमिक विद्यालय में विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते क्षेत्र के सफाई कर्मी बे लगाम हो गए हैं जिसके चलते विद्यालय में गंदगी का अंबार लगा हुआ है साथ ही में मुसर बस्ती में गंदगी का अंबार लगा हुआ है कभी सफाई कर्मी मुसर बस्ती पर ध्यान नहीं देते हैं आए दिन बच्चे बीमा हो जाते हैं। साथ ही सफाई कर्मियों की घोर लापरवाही से गंदगी का अंबार लगा हुआ है जिसे पूरे गांव में गंदगी से बीमारी फैलने की प्रबल संभावना बनी हुई है जिम्मेदारों द्वारा इन सफाई कर्मियों की क्षेत्र में जांच पड़ताल नहीं होने से अधिकारियों के प्रति जनता द्वारा क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शक के घेरे में ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है की सफाई तो तनिक भी गांव में व विद्यालय मैं नहीं आते हैं और धन ही सफाई कार्य करते हैं। बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है यह यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में विद्यालय के मासूम बच्चे कल के गाल में समा जाएंगे प्राथमिक विद्यालय हो नाली हो जगह-जगह नालियों ध्जाम है। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिम्मेदार तमाशा हैं बने हुए हैं फिर भी सफाई कर्मियों के वेतन का भुगतान वर्षों से कैसे किया जा रहा है अधिकारी शक के घेरे में है बिना कार्य किए वेतन का भुगतान क्यों किया जा रहा है इसमें राज क्या है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो वह समय दूर नहीं कि पूरे संक्रामक बीमारियों से बच्चे वह गांव के लोग बीमा के चपेट में आ जाएं। उक्त प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण वह आसपास सफाई नहीं होने से बीमारियों को नेता दे रहा है मौके पर देखने से लग रहा था कि पूरे विद्यालय प्रांगण में कई महीनो से सफाई कर्मी द्वारा सफाई कार्य नहीं किया गया है। कल शुक्रवार के दिन पत्रकारों की टीम सुबह 10:30 बजे प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में पहुंचे जहां प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षक पुरुष व एक महिला शिक्षक शिक्षिका मित्र मौके पर बच्चों को पढ़ाते मिले विद्यालय प्रांगण में शौचालय में गंदगी का अंबार लगा हुआ है सफाई कर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले मौके से देखने से गंदगी से विद्यालय प्रांगण में संक्रामक बीमारीया मुंह बाए खड़ी थी यदि ऊपर वाले ने नादान बच्चों को अपने गोद में नहीं ले अब देखना यह है कि विभागीय उच्च पदस्थ अधिकारी लापरवाह सफाई कर्मीयों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से करवाई करते हैं अथवा क्षमादान देते हैं।









