
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
ठिठुरन भरी सर्द हवाओं और शीतलहर की निर्दयी थपेड़ों के बीच जंगल लाला छपरा दुबौली बाज़ार में मानवता की मिसाल पेश करते हुए कंबल वितरण महाअभियान का आयोजन किया गया। जनसेवा और मानवीय संवेदना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड से जूझ रहे गरीब, असहाय एवं निराश्रित परिवारों तक राहत पहुँचाना था। सुबह की धुंध के साथ ही जरूरतमंदों की भीड़ उमड़ने लगी और देखते ही देखते पूरा परिसर उम्मीद और जिम्मेदारी का संगम बन गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पडरौना नगरपालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल एवं क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह ने स्वयं अपने हाथों से कंबल वितरित कर लोगों की हिम्मत बढ़ाई। कंबल ओढ़ाते वक्त चेहरे पर उभरी मुस्कान ने माहौल को ऐसा गर्म प्रदान किया, मानो ठंड की सिहरन भी पीछे हटने पर मजबूर हो गई हो।
सीओ राकेश प्रताप सिंह ने कहा—
“शीतलहर की कठोर परिस्थितियों में ऐसे सामाजिक कार्यक्रम केवल राहत नहीं, बल्कि कमजोर वर्गों को जीवित रखने वाली सांस हैं। प्रशासन हर उस पहल के साथ डटकर खड़ा रहेगा, जहाँ मानवता और सेवा का दीप जलता हो।”
वहीं नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल ने समाजसेवियों की इस पहल को “जनचेतना का जागृत मॉडल” बताते हुए कहा—
“जब समाज के लोग जिम्मेदारी समझते हैं, तो सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रेरणा बन जाती है। ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, एकता और मानवता की जड़ों को और मजबूत करते हैं।”
कार्यक्रम की सफलता में क्षेत्र के समाजसेवी, ग्राम प्रधान जंगल लाला छपरा, एवं अन्य समाजसेवी बंधुओं ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों, व्यवस्थित प्रबंधन और सुदृढ़ समन्वय से यह आयोजन शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ।
इस दौरान दुर्गेश शर्मा, बृजेश कुशवाहा, डॉ. गणेश पांडेय, पप्पू गुप्ता, परशुराम कुशवाहा सहित क्षेत्र के अनेक ग्राम प्रधान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सहयोग की भावना के साथ जरूरतमंदों के पास पहुंचकर सेवा का हाथ बढ़ाया और यह साबित किया कि मानवता तभी शीतलहर से जीतती है, जब दिलों में गर्मजोशी जिंदा रहती है।
कंबल पाकर जरूरतमंदों के कांपते होंठों पर लौटी मुस्कान ने संदेश दिया—
“सर्द हवाओं से लड़ने का असली हथियार कपड़ा नहीं… इंसानियत की आग है।”
