


विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
दिनांक: 11.04.2026
कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र में हुई दिल दहला देने वाली तेजाब कांड की वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर मासूम बेटी की जान चली गई, वहीं दूसरी ओर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अपराधियों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है।
ग्राम मोरवन टोला इमलिया में 10 अप्रैल की रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब सो रही युवती काजल यादव (25) और उसकी माँ लीलावती पर तीन दरिंदों ने ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल दिया। इस खौफनाक हमले में दोनों बुरी तरह झुलस गईं। इलाज के दौरान काजल की मौत ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ा दी, जबकि माँ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर महज 10 घंटे के भीतर दो अभियुक्तों—छोटेलाल खरवार और अनुज कुशवाहा—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी… तीसरा आरोपी अब भी फरार था।
पुलिस की लगातार दबिश, तेज़ निगरानी और सटीक रणनीति के चलते आखिरकार 11 अप्रैल को तीसरे वांछित अभियुक्त विवेक कुशवाहा को भी धर दबोचा गया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कड़ी पुलिस ने जोड़ दी है।
इस ऑपरेशन को अंजाम देने में रामकोला थाना पुलिस टीम ने जबरदस्त मुस्तैदी दिखाई। प्रभारी निरीक्षक धनवीर सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम ने दिन-रात एक कर इस मामले को सुलझाया और यह साबित कर दिया कि कानून के हाथ लंबे होते हैं।
हालांकि, इस दिल दहला देने वाली घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं—आखिर कब तक बेटियां इस तरह की हैवानियत का शिकार होती रहेंगी? क्या समाज में बढ़ती दरिंदगी पर लगाम लग पाएगी?
फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है, लेकिन इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है और लोगों के दिलों में डर और गुस्सा दोनों भर दिया है।
