
7 मार्च | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। लंबे समय से अनदेखी और लापरवाही के आरोप झेल रहे स्कूली वाहनों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी मु0 अजीम ने स्पष्ट किया है कि मार्च माह में जनपद भर में स्कूली वाहनों की सघन फिटनेस जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान चलाया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को ढोने वाले सभी वाहन पूरी तरह फिट और सुरक्षित हों। अक्सर देखा गया है कि कई स्कूल प्रबंधन बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद अपने वाहनों की फिटनेस कराने में गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
परिवहन विभाग ने ऐसे लापरवाह विद्यालय प्रबंधन पर विशेष नजर रखने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा थानावार स्कूली वाहनों की सूची शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग को भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि संयुक्त रूप से निगरानी की जा सके। जिन स्कूलों में वाहनों के माध्यम से बच्चों को लाया-ले जाया जाता है, वहां के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को यह प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा कि उनके संस्थान में कोई भी अनफिट वाहन संचालित नहीं हो रहा है।
अभियान के दौरान विशेष रूप से उन स्कूली वाहनों की जांच होगी जो 15 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके हैं। इसके साथ ही ऐसे निजी वाहनों पर भी नजर रहेगी जिनका उपयोग स्कूल प्रबंधन बच्चों को ढोने के लिए करता है। सीटिंग क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंसकर ले जाने वाले वाहनों पर भी विभाग की पैनी नजर रहेगी।
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मार्च का यह अभियान साफ संकेत है कि अब नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों और वाहन चालकों पर प्रशासन का डंडा चलना तय है।
