
27 नवंबर – विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को सशक्त करने के लिए संचालित मिशन शक्ति विशेष अभियान (फेज 5.0) के अंतर्गत आज जनपद के वन स्टॉप सेंटर में एक प्रभावी व प्रेरक दहेज प्रतिषेध कार्यशाला आयोजित की गई। सेंटर में आवासित पीड़िताओं को न केवल दहेज प्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया, बल्कि उन्हें साहस, आत्मनिर्भरता और नई शुरुआत के लिए प्रेरित भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह के सारगर्भित संबोधन से हुई। उन्होंने दहेज जैसी कुप्रथा को समाज में बढ़ती हिंसा, अत्याचार और असमानता का मूल कारण बताते हुए इसके गंभीर दुष्प्रभावों से पीड़िताओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा— “दहेज न लें, न दें… यह सिर्फ संदेश नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की दिशा में सबसे मजबूत कदम है।” कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को दहेज न लेने एवं न देने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
इसके उपरांत केन्द्र प्रशासक श्रीमती रीता यादव ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, वन स्टॉप सेंटर सेवा, चाइल्ड हेल्पलाइन, दत्तक ग्रहण इकाई समेत कई योजनाओं की उपयोगिता एवं पात्रता पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुँचाने में सहयोग करें।
कार्यशाला में जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती प्रीति सिंह ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों— 1098, 181, 1090, 112, 108, 102—के महत्व और उनकी त्वरित सेवा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संकट के क्षण में ये हेल्पलाइन पीड़ितों के लिए संबल साबित होती हैं।
इस अवसर पर वंदना कुशवाहा, शशिकला कुशवाहा (स्टाफ नर्स), आदर्श सिंह (केसवर्कर), वंदना गुप्ता, मुनिष कुमार, सुनीता पाण्डेय, महिला पुलिसकर्मी एवं वन स्टॉप सेंटर में आवासित सभी पीड़िताएं मौजूद रहीं।
कार्यशाला का मुख्य संदेश स्पष्ट था—
“दहेज मुक्त समाज ही वास्तविक सुरक्षित व सम्मानित समाज है, और महिलाओं का सशक्तिकरण उसकी सबसे मजबूत नींव।”


