
सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर झमाझम प्रोत्साहन, उद्योगों को मिल सकता है सुनहरा भविष्य
27 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
जनपद कुशीनगर में निवेश और औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति–2022 को लेकर ऐसा दमदार प्रचार-प्रसार चल रहा है कि उद्यमी, निवेशक और आमजन—हर कोई ग्रीन एनर्जी क्रांति की इस लहर में शामिल होने को उत्साहित दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट—स्वच्छ ऊर्जा + उच्च निवेश = मजबूत अर्थव्यवस्था और उज्ज्वल भविष्य।
उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नीति का लक्ष्य महज़ कागज़ी आंकड़ा नहीं, बल्कि वर्ष 2026–27 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन करके उत्तर प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा के मानचित्र पर सबसे चमकदार राज्य बनाना है। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी, प्रदूषण घटेगा और उद्योगों को मिलेगा स्थायी ईंधन स्रोत—यही है इस नीति का मर्म।
बड़े प्रोत्साहन, बड़ा बदलाव
नीति के प्रावधान सुनकर उद्यमियों में उत्साह की लहर—
सौर पार्क/सौर संयंत्रों के लिए भूमि पर 100% स्टाम्प शुल्क माफ, यानी जमीन पर भारी बचत।
10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100% छूट, उद्योगों की कमर सीधी, उत्पादन लागत घटेगी।
बैटरी भंडारण प्रणाली युक्त परियोजनाओं पर प्रति मेगावाट ₹2.50 करोड़ की सब्सिडी, यानी ऊर्जा संचित — मुनाफ़ा दोगुना!
रूफटॉप सौर संयंत्रों पर ₹15,000 से ₹30,000 प्रति KW तक सब्सिडी, अब सूरज की किरणें भी बनेंगी आपकी आय का जरिया!
व्हीलिंग/ट्रांसमिशन शुल्क में 50% छूट, और क्रॉस सब्सिडी अधिभार पर 100% छूट, यानी उद्योगों के लिए बिजली का राजमार्ग खुला!
आने वाले 5 वर्षों में 30,000 युवाओं को “सौर मित्र” के रूप में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य — युवाओं को रोजगार, उद्योगों को कुशल जनशक्ति।
आवेदन प्रक्रिया — निवेश का दरवाज़ा खुला
पूंजीगत सब्सिडी हेतु इच्छुक निवेशक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विस्तृत जानकारी के लिए उपायुक्त उद्योग कार्यालय, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर से मो. 9151803928 पर संपर्क करें।
उपायुक्त उद्योग ने जोरदार अपील की—
“समय है सूरज की रोशनी को मौके में बदलने का। नीति का लाभ उठाइए, निवेश करिए, कुशीनगर के आर्थिक उत्थान का हिस्सा बनिए और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ ऊर्जा का उपहार दीजिए।”
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से मिल रही प्रतिक्रियाएँ—
“सौर नीति नहीं—यह उद्योगों के लिए स्वर्णिम अवसर है! कुशीनगर में ग्रीन एनर्जी का सूर्योदय हो चुका है!”
