
कुशीनगर | 01 जनवरी।
जनपद कुशीनगर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की गूंज आज जोरदार ढंग से सुनाई दी, जब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित इस अभियान का उद्घाटन पूरे उत्साह, संकल्प और जिम्मेदारी के साथ किया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर आमजन की चेतना जगाने और सड़क हादसों पर निर्णायक प्रहार करने के उद्देश्य से प्रशासन, विभिन्न विभागों एवं स्थानीय नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहम्मद अज़ीम ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर तीखी और प्रभावशाली बात रखते हुए कहा — “सड़क पर सुरक्षा नहीं, तो जीवन पर कोई गारंटी नहीं!” उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन सिर्फ कानून का मुद्दा नहीं, बल्कि हर नागरिक की ज़िम्मेदारी और ज़िंदगी की सुरक्षा की पहली शर्त है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, यातायात संकेतों का सम्मान, ओवरस्पीडिंग से परहेज, तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की कड़ी हिदायत दी जाएगी। उन्होंने चेताया कि लापरवाह ड्राइविंग महज लापरवाही नहीं, बल्कि खुद की और दूसरों की जान से खिलवाड़ है।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली, नियमों पर आधारित पोस्टर–नाटक, स्लोगन प्रतियोगिता, वाहन चालकों से सीधी बातचीत और मौके पर ही समझाइश—इन सबके माध्यम से जनमानस को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने की प्रेरणा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि “सिर्फ टिकट काटने या चालान करने से नहीं, जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी लाई जा सकती है।”
जनपद में पूरे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान विशेष चेकिंग अभियान, स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता व्याख्यान, सड़क सुरक्षा शपथ, तथा वाहन चालकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। लक्ष्य स्पष्ट है—लापरवाह ड्राइविंग पर कड़ी लगाम, सड़क हादसों पर निर्णायक वार और हर नागरिक को जिम्मेदार यात्री बनाने का संकल्प!
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आमजन शामिल रहे। सबकी आवाज़ एक रही —
“सड़क सुरक्षा—जीवन सुरक्षा, नियमों से बढ़कर कोई धर्म नहीं।”
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
— जनपद की आवाज़, जनहित का संकल्प



