
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता की तल्ख और असरदार रिपोर्ट
कुशीनगर। जनपद में अबैध बालू का कारोबार बेकाबू, और शासन–प्रशासन की साख पर बड़ा सवाल! नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के नेबुआ–पडरही मार्ग पर ओवरलोड बालू लदी ट्रैक्टर–ट्रॉलियों का बेखौफ काफिला दिन में भी ऐसे दौड़ रहा है, मानो कानून सिर्फ किताबों की शोभा हो।
आईएसटीपी परमिट की धज्जियां उड़ाते हुए ट्रॉलियां सड़क पर धुएँ के गुबार और खतरे का साया छोड़ती गुजरती हैं। ग्रामीणों का कहना है—
“शिकायतें दर्ज हुईं, अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन कार्रवाई? अभी तक हल्की फुल्की चर्चा तक सिमटी!”
ओवरलोडिंग के कारण सड़कों की हालत बदहाल, हादसों का खतरा सिर पर, लेकिन जिम्मेदार विभाग अजीब सी चुप्पी ओढ़े बैठे हैं। आमजन में नाराजगी इतनी कि कई लोगों का कहना है—
“लगता है अवैध बालू की रफ्तार ने सिस्टम की आवाज़ को भी दबा दिया है!”
विलेज फास्ट टाइम्स ने जब इस मुद्दे पर जिम्मेदारों से जवाब मांगा तो एक पुलिस अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा—
“मामले की निगरानी जारी है। अवैध बालू परिवहन पर बड़ी कार्रवाई किसी भी वक्त हो सकती है। कानून से बड़ा कोई नहीं—न बालू माफिया, न उनकी पैरवी।”
वहीं खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उंगलियां टेबल पर बजाते हुए चेतावनी दी—
“ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन दोनों गैरकानूनी हैं। अबकी बार सिर्फ नोटिस नहीं—कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। जो भी इसमें शामिल है, तैयार रहे, बरदाश्त की सीमा खत्म।”
लेकिन जनता की मांग और भी तीखी—
“कागजी चेतावनियां नहीं, धरातल पर कार्रवाई — ताकि बालू माफियाओं को पता चले कि कुशीनगर में कानून अभी जिंदा है।”
फिलहाल नेबुआ–पडरही मार्ग पर धूल उड़ाती बालू गाड़ियां प्रशासन को खुली चुनौती देती दौड़ रही हैं, और लोग पूछ रहे हैं—
“आखिर कब उतरेगा सिस्टम मैदान में — और कब रुकेगा अवैध बालू का सरपट व्यापार?”
कहानी जारी है… अब निगाहें हैं प्रशासन की अगली चाल पर।
