
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 03 अप्रैल से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आँधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने से मौसम साफ है, जिससे अगले दो दिनों में तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, पूर्वी ईरान के आसपास सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 03 अप्रैल के बाद मौसम अचानक बदलने के आसार हैं। इस दौरान तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ वर्षा होने से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इस बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
वहीं, ग्रीष्म ऋतु-2026 को लेकर जारी दीर्घावधि पूर्वानुमान में भी कई महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। मार्च माह में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के चलते जहां कुल वर्षा सामान्य रही, वहीं तापमान औसत से 1 से 3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में तटस्थ निनो स्थिति और हिन्द महासागर द्विध्रुव के संयुक्त प्रभाव से अप्रैल माह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना है, जबकि पूर्वांचल में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।
प्रशासनिक स्तर पर किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषकर फसलों की सुरक्षा, खुले में रखे सामान और कमजोर संरचनाओं को सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को भी संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में गर्मी का असर तेज रहेगा, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, मौसम का यह बदलता मिजाज जहां राहत भी देगा, वहीं सतर्कता की भी मांग करता है।
