विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के दुदही विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत चिरकुटहा स्थित सुकुलहीं गांव में संचालित ‘श्री सुदामा जी स्मार्ट पब्लिक स्कूल’ पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया। चमकदार नाम और बड़े-बड़े दावों के पीछे छिपी हकीकत तब सामने आई, जब एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत की गंभीरता से जांच कराई। जांच में जो सामने आया, उसने स्कूल प्रबंधन की “स्मार्टनेस” की परतें उधेड़ कर रख दीं।
शुक्रवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विद्यालय को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल न तो शैक्षणिक मानकों पर खरा उतर रहा था और न ही बुनियादी सुविधाओं की कसौटी पर। बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय को भी नजरअंदाज किया गया था। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने दिनों तक यह “लापरवाही का स्कूल” कैसे संचालित होता रहा?
एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मौके पर मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि जांच में विद्यालय की व्यवस्थाएं बेहद कमजोर पाई गईं। न तो आधारभूत सुविधाएं पूरी थीं और न ही प्रबंधन में पारदर्शिता दिखी। विभाग की ओर से विद्यालय संचालक को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। कई निजी विद्यालय, जो अब तक नियमों को “सलाह” समझकर नजरअंदाज कर रहे थे, अब “आदेश” की गंभीरता समझने लगे हैं। संकेत साफ हैं—अब लापरवाही की दुकानें ज्यादा दिन नहीं चलेंगी।
यह कार्रवाई न केवल एक स्कूल पर ताला है, बल्कि उन सभी संस्थानों के लिए चेतावनी है जो शिक्षा के नाम पर सिर्फ कारोबार चला रहे हैं। अब देखना होगा कि बाकी स्कूल सुधरते हैं या अगली बारी उनका इंतजार कर रही है।
