
हर हाल में कार्यमुक्त करें: सुभाष यादव प्रकरण में निदेशालय का कड़ा फरमान
कुशीनगर। शासन स्तर से हुए स्थानांतरण के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, कुशीनगर में कार्यरत वरिष्ठ सहायक सुभाष प्रसाद यादव की कार्यमुक्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शिक्षा निदेशालय का एक आदेश अब पूरे मामले को नया मोड़ देता दिखाई दे रहा है। निदेशालय ने स्थानांतरित कर्मचारियों को “प्रत्येक दशा में कार्यमुक्त” कर नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि यदि स्थानांतरण आदेश प्रभावी है, तो कार्यमुक्ति में देरी की गुंजाइश आखिर कितनी है?
23 सितंबर 2026 को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मनोज कुमार द्विवेदी की ओर से जारी पत्र में 14 सितंबर 2026 के स्थानांतरण आदेश से प्रभावित कार्मिकों को हर हाल में कार्यमुक्त कराते हुए उनके नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराने का निर्देश दिया गया था। निदेशालय ने इसकी सूचना भी निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराने को कहा था।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि स्थानांतरित कार्मिकों को कार्यमुक्त नहीं किया गया अथवा कार्यभार ग्रहण कराने की सूचना निदेशालय को उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संबंधित नियंत्रक अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
“दूसरा कर्मचारी आए, तब होगी रवानगी”—दलील पर भी उठे सवाल
कुशीनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बलिया स्थानांतरित किए गए सुभाष प्रसाद यादव की रवानगी को लेकर पूर्व में यह बात सामने आई थी कि उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारी के आने तक कार्यालयीय कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर कार्यमुक्ति में देरी किए जाने की चर्चा रही।
हालांकि निदेशालय के ताजा निर्देश में “प्रत्येक दशा में कार्यमुक्त” किए जाने की बात सामने आने के बाद इस तरह की प्रशासनिक दलीलों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आदेश का सीधा आशय यही है कि स्थानांतरण आदेश का अनुपालन प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए।
27 सितंबर की समयसीमा भी समाप्त
निदेशालय ने कार्यमुक्ति एवं नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण किए जाने की सूचना 27 सितंबर 2026 तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अब यह समयसीमा भी गुजर चुकी है। ऐसे में यदि सुभाष प्रसाद यादव की कार्यमुक्ति अथवा इसकी सूचना निदेशालय को उपलब्ध कराने की स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो पूरे मामले में संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय किए जाने का सवाल उठना स्वाभाविक है।
निदेशालय ने शासनादेश संख्या एस-3/2026/93 दिनांक 05 फरवरी 2026 तथा शासन के पत्र संख्या 68-1001(012)/4/2021 दिनांक 11 सितंबर 2026 का उल्लेख करते हुए स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन पर जोर दिया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कुशीनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बलिया स्थानांतरित वरिष्ठ सहायक सुभाष प्रसाद यादव की कार्यमुक्ति को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है। निदेशालय का आदेश स्पष्ट है—स्थानांतरित कार्मिकों को प्रत्येक दशा में कार्यमुक्त कराया जाए। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आदेश के बावजूद यदि रवानगी लंबित है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
— विशेष संवाददाता
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
