
डिजिटल जनगणना को लेकर प्रगणकों को समयबद्धता, शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने के दिए निर्देश
जनगणना प्रशिक्षण 2026 के तृतीय चरण का समापन
फोटो: डिजिटल बोर्ड पर प्रगणकों को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी देते तहसीलदार तमकुहीराज संदीप सिंह।
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। जनगणना केवल देश की आबादी का आंकड़ा जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के निर्धारण का मजबूत आधार है। डिजिटल तकनीक से संचालित जनगणना में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोपरि है। इसमें प्रगणकों की सजगता और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह बातें शुक्रवार को जगदीश पब्लिक स्कूल के सभाकक्ष में आयोजित जनगणना प्रशिक्षण 2026 के तृतीय चरण के अंतिम दिन औचक निरीक्षण के दौरान तहसीलदार तमकुहीराज संदीप सिंह ने कहीं। उन्होंने प्रगणकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय दायित्व को पूरी गंभीरता, ईमानदारी और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। भारत की डिजिटल जनगणना विश्व के लिए एक अनूठा उदाहरण बन सकती है। इसके लिए प्रत्येक प्रगणक को अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहना होगा।
तहसीलदार ने बताया कि प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर पहुंचकर परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित जानकारी जुटाएंगे। प्रश्नावली में कुल 40 प्रश्न शामिल हैं। प्रश्न संख्या 31 से 33 तक महिलाओं की निजी जानकारी से संबंधित हैं। ऐसे प्रश्न पूछते समय विशेष संवेदनशीलता, विनम्रता और गोपनीयता का ध्यान रखना आवश्यक है।
उन्होंने प्रगणकों को अनावश्यक विवाद से बचने, नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार करने तथा उनकी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा दिलाने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना का उद्देश्य केवल आंकड़ों का वर्गीकरण करना है, इसलिए नागरिकों के बीच किसी प्रकार की आशंका उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक ओमप्रकाश सिंह, रविशंकर सिंह, लेखपाल रामचंद्र प्रसाद, राजस्व निरीक्षक रामाशीष यादव, अमीन वकील यादव, आलोक कुमार पाण्डेय, अरविन्द कुमार, विनोद गौतम, रामेश्वर यादव, अजीमुल्लाह, समंत यादव, मुकेश कुमार, ओमप्रकाश उपाध्याय, ऊषा ठाकुर, अंजू मुखिया, प्रभु यादव, आशुतोष मिश्र, नुरूल हक, पारस, नंदकिशोर सिंह, कमलेश्वर यादव, सत्यप्रकाश कुशवाहा, विनोद प्रसाद व्यास, ध्रुव प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
