
शिकायत बदलने के आरोपों के बीच पुलिस ने शुरू की धाराएं बढ़ाने की तैयारी, मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान के बाद मामले ने पकड़ा तूल
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोड़रिया में नाबालिग किशोरी से कथित दुष्कर्म के मामले में मेडिकल जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि के बाद अब पुलिस प्रारंभिक प्राथमिकी में धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया में जुट गई है। वहीं, शिकायत बदलकर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किशोरी की मां ने दो नवंबर को पुलिस को तहरीर देकर अपनी नाबालिग बेटी के साथ तीन युवकों द्वारा कथित दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर में बदलाव करते हुए दुष्कर्म के बजाय छेड़खानी की प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पांच नवंबर को किशोरी को मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय ले जाया गया। वहां किशोरी ने तीनों युवकों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
मामले में मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है, जहां आवश्यक सहायता और देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बढ़ेंगी धाराएं
सीओ तमकुहीराज जयंत कुमार यादव के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है और प्रारंभिक प्राथमिकी में छेड़खानी की धाराओं को बढ़ाकर दुष्कर्म से संबंधित धाराएं शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
घटना दो समुदायों से जुड़ी होने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है और गांव में लगातार निगरानी की जा रही है।
अब सवाल यह है कि शिकायत में कथित बदलाव की सच्चाई क्या है और आरोपितों के खिलाफ जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी? पुलिस की विवेचना, मेडिकल साक्ष्य और न्यायालय में दर्ज बयान के आधार पर मामले की अगली कार्रवाई तय होगी।
