
भरोसे का रिश्ता बना कथित साजिश का जाल, मुख्य आरोपी गिरफ्तार; फरार आरोपियों की तलाश तेज
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता अमित कुमार कुशवाहा खास रिपोर्ट
कुशीनगर। तमकुहीराज क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे जनपद में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। एक युवती ने प्यार, भरोसा, निकाह और मतांतरण की आड़ में अपने साथ कथित शोषण, ब्लैकमेलिंग और सौदेबाजी की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाकर पुलिस प्रशासन को कठघरे के सामने खड़ा कर दिया है। मामला अब सिर्फ आपराधिक कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, महिला संरक्षण और संगठित अपराध की संभावनाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़िता के आरोपों के मुताबिक करीब दो वर्ष पूर्व बाजार आने-जाने के दौरान उसकी पहचान सेवरही निवासी व्यवसायी पवन कुमार से हुई। आरोप है कि इसी पहचान के जरिए उसकी मुलाकात तमकुहीराज क्षेत्र के मुन्नीपट्टी निवासी शादीशुदा जियाउद्दीन से कराई गई। शुरुआत बातचीत और भरोसे से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह संबंध कथित रूप से मानसिक दबाव, डर और शोषण के जाल में बदलता चला गया।

युवती का आरोप है कि एक दिन उसे बुलाकर नशीला पदार्थ दिया गया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसी वीडियो के सहारे लंबे समय तक ब्लैकमेल कर उसकी मजबूरियों का फायदा उठाया जाता रहा। बदनामी के भय और सामाजिक दबाव के बीच पीड़िता कथित तौर पर लगातार मानसिक पीड़ा झेलती रही।
मामले ने तब और गंभीर मोड़ लिया जब युवती ने आरोप लगाया कि उसे फाजिलनगर ले जाकर निकाह के नाम पर कथित रूप से मतांतरण कराया गया और किराए के कमरे में रखा गया। बताया जाता है कि कुछ समय बाद आरोपी विदेश चला गया, लेकिन पीड़िता उसके प्रभाव और भय से मुक्त नहीं हो सकी।
करीब एक वर्ष बाद आरोपी के वापस लौटने पर उसे पासपोर्ट बनवाने के बहाने लखनऊ ले जाया गया। पीड़िता का दावा है कि वहां उसने कुछ लोगों को उसकी “डील” और “बेचने” को लेकर बातचीत करते सुना। यह सुनकर वह दहशत में आ गई। आरोप है कि मौका मिलते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन रेलवे स्टेशन तक उसका पीछा किया गया और मारपीट भी हुई। हालांकि आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद वह किसी तरह बचकर अपने घर पहुंचने में सफल रही।
घटना की सूचना सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी जियाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके भाई आलमगीर और पवन कुमार की तलाश में दबिश जारी है।
क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज जयंत यादव ने बताया कि मामले की जांच सभी बिंदुओं पर की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर रिश्तों, भरोसे और सामाजिक संवेदनाओं की आड़ में यदि इस तरह के आरोपित नेटवर्क सक्रिय हैं, तो उन पर प्रभावी रोकथाम के लिए प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक जागरूकता कितनी मजबूत है।
(नोट: समाचार में वर्णित आरोप पीड़िता और पुलिस कार्रवाई के आधार पर हैं। मामले की जांच जारी है।)
