
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। दुदही ब्लॉक की मिश्रौली ग्राम सभा स्थित प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्था अब सिर्फ अव्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनती दिखाई दे रही है। विद्यालय परिसर के आसपास टूटी बाउंड्री, बड़े-बड़े गड्ढे और उगी झाड़ियों की तस्वीरें व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही हैं। सवाल सीधा है—जब स्कूल बच्चों के भविष्य की नींव रखने की जगह है, तो वहां सुरक्षा की बुनियादी दीवारें ही क्यों टूट रही हैं?
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की बाउंड्री कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। परिसर के आसपास बने गड्ढे और घनी झाड़ियां बच्चों के लिए खतरा बन सकती हैं। सबसे चिंता की बात यह बताई जा रही है कि झाड़ियों के बीच गड्ढे स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे खेलते या आते-जाते समय बच्चों के गिरने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने विद्यालय की जमीन के कुछ हिस्से पर निजी एवं कृषि कार्यों में इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि विद्यालय की भूमि का वास्तव में कहीं निजी उपयोग हो रहा है, तो संबंधित विभाग को मौके पर जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। आखिर सरकारी विद्यालय की जमीन पर किसका अधिकार है और कौन उसका उपयोग कर रहा है—यह सवाल जांच की मांग कर रहा है।
विडंबना देखिए, बच्चों को किताबों में स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन विद्यालय परिसर खुद इन सवालों के घेरे में खड़ा नजर आ रहा है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी हादसे का इंतजार है, या फिर टूटी बाउंड्री और गड्ढे तभी दिखाई देंगे जब कोई बच्चा घायल होगा?
ग्रामीणों ने तत्काल बाउंड्री की मरम्मत, गड्ढों की भराई, झाड़ियों की सफाई और विद्यालय की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की स्थलीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।
विलेज फास्ट टाइम्स का सवाल: बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में विभाग कब जागेगा? कार्रवाई कागजों पर होगी या जमीन पर भी दिखाई देगी?
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर — गाँव की बात, हर दिल के साथ।
