
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
विशेष संवाददाता अमित कुमार कुशवाहा
कुशीनगर। कानून का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस जब खुद अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ने लगे तो कार्रवाई तय मानी जाती है। कुशीनगर पुलिस अधीक्षक ने एक बार फिर साफ संदेश दे दिया है कि वर्दी सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। रात्रि चेकिंग के दौरान ड्यूटी में लापरवाही और शिथिलता सामने आने पर चार पुलिस अधिकारियों पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एक निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि दो अन्य उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन संबद्ध कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
प्रेस नोट के अनुसार प्रभारी निरीक्षक कसया आप्तोष कुमार सिंह तथा थाना कसया के उपनिरीक्षक संतोष कुमार उपाध्याय को जनहित एवं प्रशासनिक हित में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं चौकी प्रभारी बहादुरपुर, थाना तरयासुजान धर्मवीर सिंह तथा चौकी प्रभारी तिनफेडिया, थाना तरयासुजान शिवम द्विवेदी को पुलिस लाइन भेजते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है। संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि ड्यूटी के समय लापरवाही, औपचारिक गश्त या सिर्फ कागजी खानापूर्ति अब नहीं चलेगी। जनता की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में ढिलाई बरतने वालों के लिए विभाग में अब कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी एक कड़ा संकेत है जो यह मान बैठते हैं कि सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही के बावजूद सब कुछ पहले की तरह चलता रहेगा। आखिर सवाल यह भी उठता है कि यदि कानून की रक्षा करने वाले ही अपने कर्तव्यों के प्रति सजग नहीं रहेंगे तो आम जनता सुरक्षा की उम्मीद किससे करेगी? प्रशासन की इस सख्ती ने यह संदेश दे दिया है कि वर्दी का सम्मान तभी तक है, जब तक उसके साथ ईमानदारी और जिम्मेदारी जुड़ी हो।
फिलहाल पूरे पुलिस महकमे में इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में रात्रि गश्त, चेकिंग और कानून-व्यवस्था की निगरानी को लेकर और अधिक सख्ती देखने को मिल सकती है। पुलिस अधीक्षक की यह कार्रवाई उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी है जो ड्यूटी को महज औपचारिकता समझते हैं—अब लापरवाही की कीमत सीधे कार्रवाई के रूप में चुकानी पड़ सकती है।
