

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए कुशीनगर कृषि विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। खाद की कालाबाजारी, निर्धारित मानकों की अनदेखी और किसानों से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों के बीच 14 अगस्त को संयुक्त कृषि निदेशक गोरखपुर मंडल के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई की खबर फैलते ही खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
नारायणपुर कोटी स्थित एक फर्टिलाइजर प्रतिष्ठान की जांच में अभिलेखों का रखरखाव संतोषजनक नहीं मिला। अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की शिकायत और अन्य अनियमितताओं के सामने आने पर संबंधित फर्म से उर्वरक के नमूने लिए गए तथा जांच पूरी होने तक दो उर्वरक बिक्री प्राधिकार-पत्र निलंबित कर दिए गए।
इसके साथ ही तमकुहीराज विकासखंड के राज मझौली स्थित बीपीएससी का भी निरीक्षण किया गया, जहां अभिलेख और उर्वरक बिक्री व्यवस्था सही पाई गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद की उपलब्धता और स्टॉक का भी जायजा लिया। समिति पर डीएपी, एनपीके और यूरिया समेत पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध पाया गया।
वहीं, निरीक्षण के दौरान दुकान बंद कर फरार होने और उर्वरक वितरण में कथित अनियमितताओं के आरोप में रवि खाद भंडार बनकटा, यश ट्रेडर्स बनकटा बाजार, कुशवाहा खाद भंडार एवं किसान ट्रेडर्स बनकटा बाजार को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। सेवरही स्थित आईएफएफडीसी किसान सेवा केंद्र के संचालक से वार्ता के बाद भी दुकान बंद कर मौके से चले जाने पर उनका उर्वरक बिक्री प्राधिकार-पत्र भी अग्रिम आदेश तक निलंबित किया गया।
अधिकारियों ने फाजिलनगर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती कर रहे किसानों से संवाद कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। किसानों को बताया गया कि सोयाबीन की खेती आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन सकती है और अधिक उत्पादन पर सरकारी माध्यम से खरीद सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
संयुक्त कृषि निदेशक ने जिले के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर जिला कृषि अधिकारी का मोबाइल नंबर सहज दृश्य स्थान पर प्रदर्शित कराने तथा बिहार सीमा से सटे क्षेत्रों में लगातार सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विभाग के इस अभियान से साफ संदेश है—किसानों के हक की खाद में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई तय है।
