
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर में कानून व्यवस्था की पोल खोलता एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र से एक पूरा परिवार 31 जुलाई 2026 से रहस्यमय तरीके से लापता है, लेकिन 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। लापता परिवार में दीपक जायसवाल (लगभग 25 वर्ष), उनकी पत्नी स्वाती जायसवाल (24-25 वर्ष) और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि दुदही के गोला बाजार में अपनी दुकान चलाकर रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाला यह परिवार अचानक गायब हो गया। परिजनों ने हर जगह तलाश की, रिश्तेदारों को फोन किए, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं। थक-हार कर दीपक की सास इंदु देवी ने अगस्त 2026 में विशुनपुरा थाने में लिखित तहरीर देकर गुहार लगाई, तब जाकर पुलिस ने मामले को कागजों में दर्ज तो किया, पर कार्रवाई आज भी कछुआ चाल से चल रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कुशीनगर पुलिस को एक पूरे परिवार के गायब होने का इंतजार था? क्या चार जिंदगियों की कीमत सिर्फ एक गुमशुदगी की रपट है?
अब इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल, गोरक्ष प्रांत, पडरौना जिला कुशीनगर ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रखंड संयोजक अर्पित राय, नगर संयोजक राजन ब्याहुत और उनकी टीम ने स्पष्ट कहा है कि यह कोई सामान्य लापता मामला नहीं, बल्कि बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द से जल्द दीपक, स्वाती और दोनों बच्चों का पता नहीं लगाया गया और मामले की निष्पक्ष जांच कर अपराधी साजिश का पर्दाफाश नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।
विहिप की मांग साफ है — लापता परिवार को जल्द खोजा जाए, मामले का शीघ्र खुलासा हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
अब देखना होगा कि पुलिस कब नींद से जागती है या फिर इस परिवार को भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
