पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र, परिजनों ने लगाई शव भारत लाने में मदद की गुहार

विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। रोजी-रोटी की तलाश में विदेश गए कुशीनगर के एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब सऊदी अरब में कार्यरत रफीक पुत्र इशाक की मौत की खबर घर पहुंची। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र की रहने वाली उनकी पत्नी श्रीमती समीना खातून ने अब पति के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व स्थायी आमंत्रित सदस्य अजय कुमार लल्लू ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि रफीक सऊदी अरब की कंपनी SSEM (Saudi Services for Electro Mechanic Works) में कार्यरत थे। दुर्भाग्यवश 6 सितंबर 2026 को उनका निधन हो गया। पति की मौत की सूचना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और अब उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए रफीक का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द उनके पैतृक क्षेत्र तक पहुंचे।
पूर्व विधायक लल्लू ने विदेश मंत्री से अनुरोध किया है कि शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराते हुए रफीक के पार्थिव शरीर को यथाशीघ्र भारत लाने की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए, ताकि परिजन धार्मिक एवं पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कर सकें।
इस पत्र के सामने आने के बाद एक बार फिर विदेशों में रोजी-रोटी कमाने वाले भारतीय कामगारों की मुश्किल परिस्थितियां चर्चा में हैं। परदेश में काम करने वाला व्यक्ति जब किसी अनहोनी का शिकार होता है तो उसके परिवार के सामने सिर्फ आर्थिक संकट ही नहीं, बल्कि शव को स्वदेश लाने जैसी बेहद संवेदनशील चुनौती भी खड़ी हो जाती है।
अब परिजनों की निगाहें विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशन की कार्रवाई पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि मानवीय आधार पर मामले में शीघ्र पहल होगी और रफीक का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके वतन पहुंच सकेगा।
