
ड्राइविंग ट्रैक पर युवक की खुद जांची दक्षता, दलालों और अनाधिकृत व्यक्तियों पर प्रतिबंध के सख्त निर्देश; साफ-सफाई, पेयजल और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को चेताया
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी संजय चौहान ने एआरटीओ कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। डीएम के इस आकस्मिक दौरे से कार्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी एक बार फिर केंद्र में आ गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) से कार्यालय की गतिविधियों, लाइसेंस संबंधी कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और प्रत्येक कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी ढंग से संपन्न हो।
ड्राइविंग ट्रैक पर डीएम ने खुद परखी दक्षता
निरीक्षण का खास पहलू तब सामने आया, जब ड्राइविंग लाइसेंस में संशोधन कराने पहुंचे एक युवक को जिलाधिकारी ने ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर दोपहिया वाहन चलाने के लिए कहा और स्वयं उसकी ड्राइविंग दक्षता का परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यातायात नियमों, हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, इंडिकेटर के सही प्रयोग और वाहन के नियमित रखरखाव के संबंध में युवक से जानकारी ली। सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व पर जोर देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सारथी हॉल का निरीक्षण किया। लाइसेंस प्रक्रिया के तहत फोटो खिंचवा रहे आवेदकों से बातचीत कर सुविधाओं और कार्यप्रणाली का फीडबैक लिया। विभिन्न पटलों पर तैनात कर्मचारियों से लंबित प्रकरणों की स्थिति और उनके निस्तारण की प्रक्रिया भी समझी।
दलालों की गतिविधियों पर रोक, अभिलेखों की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
डीएम ने कार्यालय में सरकारी अभिलेखों एवं फाइलों के सुव्यवस्थित रखरखाव, लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। कार्यालय परिसर में स्वच्छ पेयजल तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश कार्यालय में दलालों एवं अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रहा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि रहना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पवन कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
