
डिजिटल जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण में दिया गया सटीक गणना का मंत्र; घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी दर्ज करने पर जोर
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। देश की जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान की सफलता अब प्रगणकों की दक्षता, सजगता और जिम्मेदारी पर निर्भर करेगी। जनगणना प्रशिक्षण 2026 के तृतीय चरण के दूसरे दिन गुरुवार को जगदीश पब्लिक स्कूल के मीटिंग हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने प्रगणकों को गणना कार्य की बारीकियों से अवगत कराते हुए उनकी भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक राहुल तिवारी ने कहा कि इस बार जनगणना अभियान में प्रगणक ही वास्तविक नायक की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जनगणना पुस्तिका में दिए गए दिशा-निर्देशों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि प्रत्येक घर में निवास करने वाले सभी व्यक्तियों की व्यक्तिगत जानकारी सावधानीपूर्वक पूछकर निर्धारित प्रपत्र में दर्ज की जाए। गणना के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या जानकारी छूटने से जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने सामाजिक वर्गीकरण से संबंधित जानकारी भरने में भी विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई। प्रशिक्षक ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वर्गीकरण की श्रेणियां हैं, इसलिए निर्धारित निर्देशों के अनुसार संबंधित जाति की जानकारी सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक है।
शिक्षक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण ही प्रगणकों को जनगणना कार्य के लिए सक्षम और दक्ष बनाएगा। बेहतर प्रशिक्षण से गणना प्रक्रिया को व्यवस्थित, सटीक और प्रभावी ढंग से संपन्न किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, ऐसे में प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व विभाग के कर्मचारियों सहित विभिन्न प्रशिक्षक और कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान रविशंकर सिंह, लेखपाल रामचंद्र प्रसाद, राजस्व निरीक्षक, रामाशीष यादव, अमीन, वकील यादव, अमीन, आलोक कुमार पाण्डेय, विनोद गौतम, रामेश्वर यादव, समंत यादव, मुकेश कुमार, ओमप्रकाश उपाध्याय, ऊषा ठाकुर, अंजू मुखिया, प्रभु यादव, आशुतोष मिश्र, नुरूल हक, नंदकिशोर सिंह, कमलेश्वर यादव, सत्यप्रकाश कुशवाहा, विनोद प्रसाद व्यास, ध्रुव प्रसाद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
जनगणना प्रशिक्षण के इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि डिजिटल जनगणना की सफलता के लिए प्रशिक्षित, जिम्मेदार और सतर्क प्रगणकों की भूमिका निर्णायक होगी।
